दुकानदार त्योहार ही नहीं आम दिनों में भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। वह एक तरह से जहर खिला रहे हैं। दूध, पनीर, तेल से लेकर धनिया पाउडर आदि में मिलावट हो रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 980 दुकानों से 173 नमूने लिए। इनमें प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में 82 नमूने फेल मिले। यही नहीं चार सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं।
खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा दूध व इससे निर्मित पनीर, मिठाई, छेना मानकों पर खरा नहीं उतरा। चने की दाल का आटा, दलिया, नमकीन, साबूदाना, धनिया पाउडर से लेकर मसाले तक के नमूने फेल हुए हैं। मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. करन राजपूत का कहना है कि मिलावटी खाद्य सामग्री आम लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक है। धीरे-धीरे मिलावटी सामान लोगों को बीमार बना देता है।
सामग्री फेल नमूने
दूध 20
पनीर 06
सरसों तेल 14
चना दाल आटा 05
नमकीन 04
शुद्ध घी 06
दलिया 01
साबूदाना 02
धनिया पाउडर 02
मिटाई 10
मीठी सुपाड़ी 02
पानी पाउच 03
अन्य 07
पानी पाउच मिला दूषित, केस दर्ज
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मार्च माह में अंश नीर, शांति नीर, शुद्ध पानी नाम के पानी पाउच के चार नमूने लिए। रिपोर्ट में यह पानी दूषित व असुरक्षित बताया गया। विभाग ने चारों व्यापारियों के विरुद्ध सीजेएम अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है।
इस वर्ष 84 नमूने लिए गए
चालू वित्तीय वर्ष में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 132 दुकानों का निरीक्षण कर दूध, मिठाई, मसाला, पनीर, तेल, घी आदि के 84 नमूने लिए। हालांकि अभी सिर्फ छह की रिपोर्ट आई है। दूध और तेल के तीन नमूने फेल पाए गए हैं। मिलावट रोकने के लिए निरीक्षण कर सैंपल लिए जाते हैं। जिन व्यापारियों के नमूने फेल आए हैं उनके विरुद्ध एडीएम कोर्ट व असुरक्षित नमूनों के व्यापारियों विरुद्ध सीजेएम अदालत में केस किया जाता है। अधोमानक साबित होने पर व्यापारी के विरुद्ध एक लाख तक जुर्माना हो सकता है। असुरक्षित साबित होने पर सजा व जुर्माना दोनों हो सकता है। - अभिजीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन