प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार स्तर से करीब 50 योजनाएं बनाई जा चुकी हैं।
लेकिन
सांसद मुरली मनोहर जोशी और देवेंद्र सिंह भोले के गोद लिए गए गांवों के
विकास के लिए अभी तक धन नहीं मिला है। प्रशासन को तो पता ही नहीं है कि धन
आएगा कहां से। स्थिति यह है कि इन योजनाओं की जानकारी के लिए होर्डिंग
लगाने के लिए भी बजट नहीं है।
धन न मिलने से गोद लिए गए दोनों
सांसदों के गांवों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। जिले के दोनों
सांसदों की सांसद निधि में केंद्र से ढाई-ढाई करोड़ की राशि दो महीने पहले
ही जारी हो चुकी है।
जोशी ने तो अपनी लोकसभा में अभी तक करीब डेढ़
करोड़ रुपये का कार्य कराने के लिए एक दर्जन से अधिक प्रस्ताव भी जारी कर
दिए, लेकिन उनके आदर्श ग्राम सिंहपुर के लिए इसमें एक भी प्रस्ताव शामिल
नहीं है।
दूसरी तरफ भोले ने अपनी निधि से एक भी प्रस्ताव जारी नहीं किया है। भोले ने टिकवापुर गांव को गोद लिया है।
केंद्र सरकार की सभी योजनाएं निराधार हैं। उनके पूरी होने की उम्मीद नहीं है। इन योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था ही नहीं की गई है। सब बेसिर-पैर की योजनाएं हैं। इससे अच्छा होता कि घोषणा करने से पहले इस पर गंभीरता से विचार किया जाता।
- श्रीप्रकाश जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री
सांसद आदर्श ग्राम योजना बहुत ही विचार-विमर्श के बाद बनी है। इसके लिए हर तरह की व्यवस्था, धन का भी इंतजाम किया जा रहा है। इन गांवों के अलावा पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य दिखाई देंगे। थोड़ा सा सब्र रखिए। सांसद निधि से कार्यों का प्रस्ताव तैयार है।
- देवेंद्र सिंह भोले, सांसद भाजपा
सांसद आदर्श ग्राम योजना में डॉ. जोशी अपनी निधि से पैसे अपने गांव सिंहपुर को नहीं दे सकते हैं। उन्होंने जिस गांव को गोद लिया है, वह उनके लोकसभा क्षेत्र की परिधि में नहीं आता। उनकी तरफ से अपने लोकसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए जा चुके हैं।
- अखिलेश पांडेय, सहायक अभियंता डीआरडीए