भाजपा प्रत्याशी पूर्व सांसद जयप्रकाश
उत्तर प्रदेश के हरदोई में चार दिन पहले सोशल मीडिया पर सांसद निधि के प्रयोग को लेकर जानकारी न होने और अफसरों के सुनवाई न करने पर खुद को बेबस बताने वाले हरदोई सदर सांसद जयप्रकाश ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर इस पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने कोरोना महामारी काल में प्रभावशाली कार्य किया है।
उनकी टिप्पणी सरकार और मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत कार्य कर रहे अधिकारियों पर है और उन्हें सरकार से कोई नाराजगी नहीं है। गत 28 जुलाई को सदर सांसद जयप्रकाश ने सोशल मीडिया पर की पोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्था और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर तल्ख टिप्पणी की थी।
उन्होंने लिखा था कि 30 साल के कॅरियर में इतनी बेबसी कभी महसूस नहीं की। सांसद की ये टिप्पणी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई थी। दरअसल सांसद की पहचान गंभीर और नपातुला बोलने वालों में की जाती है, लिहाजा इसका खासा असर भी हुआ। शुक्रवार को सांसद जयप्रकाश ने बताया कि उनकी टिप्पणी स्थानीय स्तर पर सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों पर है।
कोरोना संकट में पूरी दुनिया असहाय है और ऐसे में उनका भी बेबस होना स्वाभाविक है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का संज्ञान उच्च स्तर पर लिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।