घटना से पहले पति-पत्नी ने काटा था केक
मर्दनपुर निवासी नूर आलम सिलाई का काम करते हैं। सात अक्तूबर को उनकी शादी की तीसरी सालगिरह थी। इस मौके पर पत्नी रोशनी (20) की बड़ी बहन इशरत भी घर आई थीं। परिवार ने साथ में केक काटा और खाना खाया। देर रात किसी बात को लेकर नूर आलम और इशरत के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज होकर इशरत घर से जाने लगीं। रोशनी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह जाने की जिद पर अड़ी रहीं।
पिता ने बेटी को किया कैच, बची जान
इसके बाद रोशनी अपनी बेटी को लेकर दूसरी मंजिल पर चली गई। परिजनों के मुताबिक, इशरत के घर से जाने से नाराज रोशनी ने पहले बच्ची को नीचे फेंका। नीचे मौजूद नूर आलम ने किसी तरह उसे जमीन पर गिरने से बचा लिया। इसके तुरंत बाद रोशनी ने भी छलांग लगा दी। परिजन दोनों को निजी अस्पताल ले गए। बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई गई, जबकि रोशनी गंभीर रूप से घायल थीं।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद नौ अक्तूबर को रोशनी को हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां रात में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के चलते 10 अक्तूबर को पंचायतनामा की कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके कारण 11 अक्तूबर की सुबह पोस्टमॉर्टम हो पाया। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।