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पारिवारिक न्यायालय का अहम फैसलाः बहू के भरण-पोषण के लिए सास हर माह देगी 15 हजार

Thu, 10 Dec 2020 01:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

  • ससुरालीजनों से प्रताड़ित बहू की अर्जी पर पारिवारिक न्यायालय ने दिया अहम फैसला
  • ससुर और पति की मौत के बाद सास को माना बहू के भरण-पोषण के लिए जिम्मेदार
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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पति की मौत के बाद ससुरालीजनों की प्रताड़ना का शिकार बहू की ओर से दी गई भरण-पोषण की अर्जी पर कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पारिवारिक न्यायालय तृतीय की अपर प्रमुख न्यायाधीश चंद्रशीला ने बहू को प्रतिमाह 15 हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश सास को दिया है। ससुर और पति की मौत के बाद कोर्ट ने सास को बहू के भरण-पोषण के लिए जिम्मेदार माना है।

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चकेरी के न्यू आजाद नगर निवासी पूनम मिश्रा का विवाह कायमगंज (फर्रुखाबाद) निवासी मुन्नी देवी के बेटे हरिओम मिश्रा के साथ 12 जुलाई 2016 को हुआ था। पूनम का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। शादी के पांच माह बाद ही 10 दिसंबर को पति की मौत के बाद सास व देवरों का बर्ताव और खराब हो गया। ससुर की मौत शादी के पहले ही हो चुकी थी। 

ससुरालीजनों ने 13 जुलाई 2017 को गाली-गलौज व मारपीट कर घर से निकाल दिया। सारा स्त्रीधन (शादी में मिले उपहार) भी अपने कब्जे में रख लिए। थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। वह तीन साल से अपने माता-पिता के साथ रह रही है। उसके पास भरण-पोषण का कोई साधन नहीं है। वहीं करोड़ों की संपत्ति की मालकिन सास न तो संपत्ति पर कब्जा दे रही है और न ही स्त्रीधन लौटा रही है।
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अधिवक्ता राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने नोटिस भेजा लेकिन ससुरालीजनों की ओर से कोई हाजिर भी नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने बहू के हक में एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए सास को भरण-पोषण के रूप में हर महीने की दस तारीख तक 15 हजार रुपये पूनम के बैंक खाते में जमा करने का आदेश दिया है।

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