इटावा। महिला की हत्या के प्रयास में विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम अंकुर शर्मा ने उसकी सास, देवर और देवरानी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें चार माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मामला करीब 15 वर्ष पूर्व का है। महिला के मुताबिक बंटवारे के विवाद में दोषियों ने उसका गला दबाकर उसकी हत्या का प्रयास किया था।
वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव नगला पुल निवासी सरिता देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसके पति सुखबीर सिंह की 10 साल पहले मौत हो गई थी। उसके ससुर, सास व देवर उसे जमीन व मकान में हिस्सा नहीं देना चाहते थे। उसके एक 10 साल की बेटी है। वह जमीन व मकान में हिस्सा मांग रही थी। इसी बात से नाराज होकर चार मई 2015 की रात को ससुर राज बहादुर, सास मोती कुंवर, देवर जयवीर व देवरानी गीता देवी उसके पास पहुंचे। सभी ने साड़ी का फंदा उसके गले में डालकर जान से मारने का प्रयास किया।
इसी बीच उसकी बेटी जाग गई तो उक्त लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की। शोर मचाने पर पड़ोस के लोग आ गए और उसे बचाया। बाद में उक्त लोग जान माल की धमकी देकर चले गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
छानबीन के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई के दौरान 29 फरवरी 2020 को ससुर राज बहादुर की मौत हो गई। सुनवाई विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम की कोर्ट में हुई। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सास मोती कुंवर, देवर जयवीर व देवरानी गीता देवी को सजा सुनाई।