कानपुर देहात। अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। रेफर किए जाने पर परिवार के लोग उसे दूसरे अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान शनिवार की सुबह मौत हो गई। परिवार के लोगों ने इलाज में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रख जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच जांच की।
अकबरपुर थाना क्षेत्र के नबीपुर जैनपुर निवासी अजय यादव ने बताया कि पत्नी आरती यादव (27) को प्रसव पीड़ा होने पर 13 अप्रैल को अकबरपुर में कानपुर हाईवे पर स्थित गणेश अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां पर शुक्रवार को ऑपरेशन से पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। आरोप लगाया कि कुछ घंटे बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल के डाॅक्टर ने उसे रेफर कर दिया। वह पत्नी को लेकर कानपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां पर इलाज के दौरान पत्नी की शनिवार सुबह करीब पांच बजे मौत हो गई।
इधर प्रसूता की मौत के बाद परिवार के लोग शव लेकर शनिवार दोपहर अकबरपुर के गणेश अस्पताल आ गए। यहां पर परिवार के लोगों ने शव रख कर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। वहीं परिवार के लोग रोते-बिलखते रहे। अस्पताल प्रबंधन के समझाने के बाद लोग नहीं माने तो पुलिस को जानकारी दी गई। प्रसूता की मौत पर मौके पर अकबरपुर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचे। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार रवींद्र मिश्रा, एसीएमओ डाॅ. एसएल वर्मा भी पहुंच गए। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने मृतका के पति व परिवार के लोगों से जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल के स्टॉफ व प्रबंधन से जानकारी ली।
परिवार के लोगों ने बताया कि आरती को प्रसव पीड़ा होने पर जब वह लोग लेकर आए थे तभी डॉक्टर ने खून की कमी बताई थी। उसे खून भी चढ़ाया। ऑपरेशन होने के बाद ही आरती की हालत बिगड़ने लगी थी तो रेफर कर दिया। इधर अस्पताल संचालक श्याम सिंह ने बताया कि परिवार के लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर रेफर किया गया था लेकिन परिवार के लोग निजी अस्पताल लेकर चले गए। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच के साथ ही तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।