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नौबस्ता में मां-बेटी की हत्या

Tue, 14 Jul 2015 01:40 AM IST
अमर उजाला, कानपुर
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नौबस्ता के खाड़ेपुर इलाके में घर में घुसे बदमाशों ने फैक्ट्री कर्मी की पत्नी-बेटी की हत्या कर दी। भतीजे को बंधक बनाकर लहूलुहान कर दिया। शाम चार बजे के करीब कर्मी का बेटा कोचिंग से लौटा तो सबको इस सनसनीखेज वारदात का पता चला। घायल भतीजे को पास के अस्पताल ले जाया गया।
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सूचना पाकर एसएसपी शलभ माथुर, तीन थानों की फोर्स, फोरेंसिक, क्राइम ब्रांच, डाग स्क्वाएड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घर के सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी का ताला, बक्सा टूटा था। मां-बेटी के सिर पर चोट व गले पर उंगलियों के निशान थे। अस्पताल में घायल भतीजे ने जो बयान दिए, वह पुलिस को संदिग्ध लग रहे हैं।

एसएसपी का कहना है कि फिलहाल लूटपाट के इरादे से हत्या की आशंका लग रही है, लेकिन पुलिस पूरी जांच के बाद ही कुछ कह पाएगी। खाड़ेपुर कालोनी निवासी फैक्ट्री कर्मी शिव कुमार यादव के छोटे बेटे चंदन (17) ने पुलिस को जानकारी कि वह दोपहर एक बजे स्कूल से घर आया था। तब उसके घर पर ही रहने वाले चचेरे भाई दीपेश ने बताया कि उसकी मां उर्मिला (45) व बहन स्वाती (21) पड़ोस में किसी सहेली के घर गई हुई थीं।
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इसके बाद चंदन करीब दो बजे कोचिंग पढ़ने चला गया और शाम चार बजे लौटा। इस बार एक कमरे के बाहर बरामदे में चारपाई के नीचे दीपेश लहूलुहान पड़ा था। उसके दोनों हाथ-पैर बंधे थे। पेट से खून निकल रहा था। चंदन ने फौरन पड़ोसियों को बुलाया, तब लोगों ने देखा कि ठीक बगल के कमरे में उर्मिला का शव बेड पर और स्वाती का शव फर्श पर पड़ा है। स्वाती के भी हाथ-पैर कपड़े से बंधे थे।

सूचना मिलते ही शिव कुमार भी घर आ गए। शिव कुमार ने पुलिस को जानकारी दी कि घर पर तकरीबन बीस हजार रुपये व दो लाख के जेवर थे। पुलिस को तलाशी में रुपये व जेवर नहीं मिले हैं। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती दीपेश ने बताया कि वह दोपहर के वक्त घर पर सो रहा था।

अचानक कुछ आहट होने पर उसकी आंख खुली तो वह कमरे से बाहर आया। इसी बीच चेहरा ढंके तीन-चार बदमाशों ने उसे दबोच लिया और पीटने के बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए। एक बदमाश ने उसके पेट पर चाकू मारा और सभी बदमाश फरार हो गए। उसे नहीं पता कि घर पर चाची और बहन थी भी या नहीं। शिव कुमार के मुताबिक भाई विजय का बेटा दीपेश पिछले छह महीने से घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
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