दिल्ली-गाजियाबाद रेलखंड पर मालगाड़ी के डिरेल होने का असर बुधवार को भी कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर देखने को मिला। रेल यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाने से कानपुर आने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें 13-14 घंटे की देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं कई ट्रेनों को रिशेड्यूल किए जाने के बाद भी रास्ते में रोकना पड़ा।
बुधवार सुबह से ही कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों के विलंब से पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हावड़ा, गोरखपुर और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। मंगलवार को रिशेड्यूल की गई 12034 शताब्दी एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से बुधवार भोर 3:50 बजे कानपुर पहुंची। वहीं श्रमशक्ति एक्सप्रेस करीब सात घंटे विलंब से दोपहर एक बजे स्टेशन पहुंची। ट्रेनों की देरी का आलम यह रहा कि 02570 दरभंगा स्पेशल करीब 14 घंटे विलंब से बुधवार सुबह 7:57 बजे कानपुर पहुंची।
12274 हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस भी लगभग 13 घंटे की देरी से सुबह 6:35 बजे स्टेशन आई। इसके अलावा 12034 कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस छह घंटे 56 मिनट, 12878 गरीब रथ एक्सप्रेस नौ घंटे 19 मिनट और 15706 हमसफर एक्सप्रेस 11 घंटे 35 मिनट की देरी से पहुंची।
22824 भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस करीब आठ घंटे 10 मिनट देर से सुबह 5:50 बजे कानपुर आई। वहीं 12556 गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग नौ घंटे विलंब से चल रही थी। यात्रियों का कहना है कि अचानक बढ़ी देरी से उनकी यात्रा योजना प्रभावित हो गई। रेल अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-गाजियाबाद रेलखंड पर यातायात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेट समय जरूर जांच लें।
व्यापार के सिलसिले में श्रमशक्ति एक्सप्रेस से दिल्ली से कानपुर आए थे। ट्रेन छह घंटे लेट होने से व्यापारी के साथ होने वाली बैठक टल गई। इससे अब दोबारा आना होगा। - कपिल, यात्री
गरीब रथ एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था लेकिन ट्रेन नौ घंटे लेट है। ऐसे में पूरा समय प्लेटफार्म पर ही काटने को मजबूत होना पड़ रहा है। इससे तो अच्छा बस से निकल जाते। - पारस, यात्री