मौनी अमावस्या पर जिले की सीमा से विभिन्न राज्यों की छोटी-बड़ी 40 हजार गाड़ियां सड़क मार्ग से प्रयागराज की ओर गईं। इनमें करीब 4,83,500 यात्रियों ने सफर किया। बड़ौरी टोल प्लाजा से 29 जनवरी दोपहर 12 बजे से 30 जनवरी दोपहर 12 बजे तक 24 घंटे में 12 हजार कार सहित छोटी गाड़ियां, 350 ट्रांसपोर्ट के बड़े वाहन, 1500 रोडवेज बसें, 350 टूरिस्ट बसें निकलीं। इनमें बसों में करीब 50 और छोटे वाहनों में छह सवारी औसतन निकली। इस तरह करीब एक लाख 64 हजार पांच सौ यात्री ही अभी तक जिले की सीमा को पार करके अपने गंतव्य तक सड़क मार्ग से जा सके हैं। तीन लाख से अधिक यात्री अभी-भी प्रयागराज व फतेहपुर की सीमा के बीच फंसे हुए हैं।
मौनी अमावस्या के दौरान ही दो दिनों में 100 ट्रेनें गुजरीं। एक ट्रेन में औसतन आठ हजार यात्री प्रयागराज को गए। इस तरह करीब 80 लाख यात्री प्रयागराज पहुंचे। इनमें भी 50 ट्रेनों की वापसी हुई, जिनमें 40 लाख यात्री लौट सके हैं। ट्रेन से सफर करने वाले करीब 40 लाख यात्री अभी प्रयागराज में फंसे होने की आशंका है।
शहर के रेलवे स्टेशन से 50 हजार यात्री पहुंचे प्रयागराज
रेलवे स्टेशन से 27 व 28 जनवरी को 49 महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का ठहराव हुआ। इनमें करीब 50 हजार यात्री दो दिनों में प्रयागराज पहुंचे। इनमें करीब 30 हजार यात्रियों की घर वापसी हो गई है और 20 हजार रात तक पहुंचने की संभावना है। स्टेशन अधीक्षत मणिशंकर ने बताया कि सभी ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
मौनी अमावस्या के दौरान दो दिनों में करीब 40 हजार वाहन टोल प्लाजा से प्रयागराज की ओर निकले। उनमें 30 जनवरी दोपहर 12 बजे तक 14200 वाहन ही वापस हुए हैं। ये संख्या आधे से भी कम है। - शारदा कुमार, मैनेजर, टोल प्लाजा