जमीन के खरीदारों पर पियक्कड़ भारी पड़ रहे हैं। हालत यह है कि प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त से ज्यादा टैक्स शराब से आ रहा है। रजिस्ट्री दफ्तर से ज्यादा पैसा आबकारी विभाग के पास आ रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के चार माह (अप्रैल से जुलाई तक) मिले टैक्स पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि सबसे ज्यादा राजस्व केस्को के पास 701.96 करोड़ रुपये आया। दूसरे नंबर पर आबकारी विभाग रहा। आबकारी विभाग ने 333.35 करोड़ रुपये राजस्व वसूला। तीसरे नंबर पर स्टांप एवं निबंधन 195.23 करोड़ रहा।