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जमीन के खरीदारों पर पियक्कड़ भारी, पढ़िए शराब के फैलते बिजनेस पर ये स्पेशल रिपोर्ट

Fri, 31 Aug 2018 12:55 PM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
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जमीन के खरीदारों पर पियक्कड़ भारी पड़ रहे हैं। हालत यह है कि प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त से ज्यादा टैक्स शराब से आ रहा है। रजिस्ट्री दफ्तर से ज्यादा पैसा आबकारी विभाग के पास आ रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के चार माह (अप्रैल से जुलाई तक) मिले टैक्स पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि सबसे ज्यादा राजस्व केस्को के पास 701.96 करोड़ रुपये आया। दूसरे नंबर पर आबकारी विभाग रहा। आबकारी विभाग ने 333.35 करोड़ रुपये राजस्व वसूला। तीसरे नंबर पर स्टांप एवं निबंधन 195.23 करोड़ रहा।
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प्रमुख विभागों की राजस्व वसूली (राशि करोड़ में)...

विभाग                                          जुलाई        अब तक
केस्को                                          221.33      701.96
राज्य उत्पाद शुल्क/आबकारी            82.26        333.35
वाणिज्य कर                                    5.51          34.92    
स्टांप एवं निबंधन                            49.36        195.23
परिवहन                                       25.15          98.53
नगर निगम                                    11.15          31.99    



 
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प्रॉपर्टी में निवेश में कमी आई है। जमीन-जायदाद में निवेश में कमी के कारण ही टैक्स कम हो रहा है। नोट बंदी के बाद रियल स्टेट पर ही सबसे ज्यादा असर पड़ा था। 
-देवेंद्र सिंह, एआईजी स्टांप, कानपुर

आबकारी विभाग राजस्व बढ़ाने में लगा है। अभी विभाग लक्ष्य के सापेक्ष 77.57 प्रतिशत राजस्व वसूली पर पहुंचा है। बीच में बार कोडिंग की समस्या के कारण डिमांड के अनुरुप आपूर्ति नहीं हो सकी थी। यह दिक्कत न आती तो और राजस्व बढ़ता।
-राजेश मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी, कानपुर
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