कथा वाचक मोरारी बापू उत्तराखंड गंगोत्री में राम कथा कह रहे हैं। कथा के चौथे दिन मोरारी बापू ने कानपुर की गंगा का जिक्र किया। कहा मैं कानपुर गया था। वहां के गंगा घाट पर आचमन भी किया। मैं कानपुर के लोगों से गंगा को स्वच्छ रखने का वादा लेकर आया हूं। कह कर आया हूं फिर आऊंगा तो गंगा को साफ रखना। यह नदी नहीं हमारी परंपरा है।