किसानों के खाते में सूखा और ओलावृष्टि की राहत की राशि भेजने के लिए संडे को भी कलक्ट्रेट का दैवी आपदा पटल खोला गया। किसानों के खाते में राहत राशि भेजने के लिए कोषागार के सॉफ्टवेयर पर फीडिंग कराई जाती रही। इसी सिलसिले में डीएम कौशल राज शर्मा ने सोमवार को मीटिंग भी बुलाई है।
पिछले साल फरवरी में ओलावृष्टि से किसानों का काफी नुकसान हुआ था।
इसकी भरपाई के लिए 50 करोड़ 79 लाख रुपये की राहत राशि भेजी गई है। यह राशि जिले के एक लाख 49 हजार 673 किसानों के खाते में ई पेमेंट से भेजी जानी है। घाटमपुर के किसानों के लिए चार करोड़ 41 लाख रुपये की सूखा राहत भी आई थी। यह राशि 28 हजार किसानों के खाते में जानी है। अभी तक किसानों के नाम चेक काटकर दिए जाते थे। अब ई पेमेंट होना है इसलिए अभी कोषागार के सॉफ्टवेयर पर ऑफ लाइन फीडिंग हो रही है।
यह फीडिंग होने के बाद किसानों के नामवार कोषागार से टोकन मिलेंगे। दूसरे चरण में टोकन नंबर और राशि का ब्योरा फिर से फीड होगा। इसके बाद किसानों के खाते में राहत राशि जा सकेगी। एडीएम फाइनेंस संजय चौहान ने इस काम के लिए सभी तहसीलों के लेखपालों से कलक्ट्रेट स्थित ई डिस्ट्रिक लैब में फीडिंग कराने को कहा है।