इटावा के सैफई स्थित पीजीआई में भर्ती ताऊ को देखने आई युवती ने इमरजेंसी के डॉक्टर पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। युवती ने उसके और भाइयों के साथ मारपीट करने सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया है। डॉक्टरों की ओर से कुलसचिव ने युवती के परिजनों पर डॉक्टर के साथ मारपीट करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
पुलिस को किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। जांच के लिए कुलसचिव ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। मैनपुरी निवासी वृद्ध कोमा में हैं। उनका सैफई पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:45 बजे उन्हें देखने इटावा निवासी भतीजी आई थी। युवती के साथ भाई और परिवार के लोग भी थे।
युवती ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में छोटे कद का डॉक्टर गलत निगाह से घूर रहा था। पास आकर बोला कि अंदर क्यों आ रही हो और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा। विरोध करने पर ताऊ के नाक में लगी लगी नली निकाल दी। इसके बाद अन्य स्टाफ को बुला कर युवती और उसके भाइयों के साथ मारपीट की। युवती ने सोने की चेन लूटने का भी आरोप लगाया है।
युवती को घसीटते हुए कमरे में ले जाने का वीडियो बनाने पर डॉक्टर व स्टाफ ने एक मीडियाकर्मी के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल तोड़ दिया। युवती ने कहा कि वह थाने में डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देगी। उधर, विवि के कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने बयान जारी कर बताया कि मरीज सुभाष चंद्र मिश्रा के साथ तीमारदारों को गार्ड ने बाहर जाने को कहा था।
इस पर तीमारदार ने गाली-गलौज शुरू कर दी। सर्जरी विभाग बीच बचाव करने आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसमें जूनियर डॉक्टरों के कपड़े फट गए हैं। तीमारदारों ने एक रेजिडेंट डॉक्टर का मोबाइल भी छीन लिया। चिकित्सा विवि के अधीक्षक आदेश कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी जांच के लिए बनाई गई है।
पांच दिन में जांच करने के निर्देश समिति को दिए गए हैं। चोटिल डॉक्टर ने सैफई थाने में तहरीर दी है। सैफई थानाध्यक्ष चंद्रदेव यादव ने बताया कि चिकित्सा विवि में विवाद की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर जांच की तो डॉक्टरों व तीमारदारों में विवाद सामने आया है। अभी तक किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।