प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
केंद्र सरकार के बड़े नोटों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राजनीतिक दलों में भी दिन भर हलचल रही। बताया जा रहा है कि एक पार्टी ने तो प्रत्याशियों को बुधवार की सुबह ही फोन करके दोपहर तक लखनऊ पहुंचने का फरमान जारी कर दिया था। यह भी पता चला है कि राजनीतिक दलाें ने ऐसी स्थिति में चुनाव में किस तरह रणनीति बनाई जाए, इसे लेकर भी मंथन किया।
कालेधन पर लगाम लगाने की पिछले काफी दिनों से चल तैयारी को इतनी जल्दी और इस तरह से अमल में लाया जाएगा, इसकी भनक राजनीतिक दलों को नहीं थी। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही यह घोषणा की लोगों में हलचल मच गई। लंबे समय से यह चर्चा में रही है कि कुछ ऐसी पार्टियां हैं, जो एक मुश्त राशि के आधार पर प्रत्याशियों को टिकट देती है।
इस फैसले के बाद प्रत्याशियों और पार्टी प्रमुखों के हाथ पांव फूल गए। पता चला है कि आनन फानन में पार्टी अध्यक्ष की तरफ से यह फरमान जारी कर दिया गया कि टिकट के नाम पर जो राशि जमा की गई है, प्रत्याशी उसे वापस ले जाएं। बाद में नई करेंसी में बदलकर लाने पर ही उनका टिकट सुरक्षित माना जाएगा।
इस फरमान से प्रत्याशियों में ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो गई है। चर्चा यह भी है कि एक- एक प्रत्याशी ने टिकट के नाम पर कई करोड़ की राशि जमा की है। ऐसी स्थिति में वह इतने रुपये बैंक में कैसे शो करेगा।