‘भाजपा ने लोकसभा चुनाव में कालाधन वापस लाकर लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये डालने का वादा किया था।
अब लोकसभा और राज्यसभा में हुई बहस में वित्त मंत्री भी बोल रहे हैं कि उनको भी सही जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो मन की बात कह दी कि उनको भी नहीं मालूम की विदेशों में कितना कालाधन जमा है।
देश में भी किसी को नहीं पता कि कितना कालाधन है लेकिन पैसा वापस लाएंगे, कैसे।’
यह कहना है जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का। वह रविवार को कानपुर क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा संघ परिवार का फ्रंटल संगठन है। संघ परिवार के इतने संगठन हैं कि उनकी गिनती भी करना मुश्किल है।
यह देश कई जातियों और धर्मों का है। सभी को साथ लेकर चलने पर ही बात बनेगी। कोई एक व्यक्ति देश में चमत्कार नहीं कर सकता है
। सभी भाजपा विरोधी दलों को एकजुट कर मोर्चा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश नौजवानों का है। 95 फीसदी भारतीय भाषाओं में शिक्षा लेने वालों को नौकरी नहीं मिल रही है।
पांच फीसदी अंग्रेजी मीडियम से पढ़ने वालों को कुछ नौकरी मिल जाती है। उनको नौकरी देने के बजाए झाड़ू पकड़ाई जा रही है। सफाई कर्मचारियों के लाखों पद खाली हैं।
उनको भरा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे की हालत पतली है। ट्रैक सही कराने के बजाए 60-70 हजार करोड़ खर्च कर बुलेट ट्रेन चलाने की बात कही जा रही है।
उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के हाथों में कई मीडिया ग्रुप हैं। इसलिए वह विपक्ष की बात को दबा रहे हैं। बाबा रामदेव को सुरक्षा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे हटा लिए।
इसके बाद से वह चुप हो गए। उन्होंने कहा कि यह सरकार भी बाबाओं के शरण में है। बाबाओं की बात पर यकीन नहीं करना चाहिए।
आजादी के बाद तमाम बड़े नेताओं ने देश बनाने में योगदान दिया। एक नेता बोल रहे हैं कि कोई देश नहीं बनाया। अब वही देश बनाएंगे। अब गोलबंदी शुरू हो गई है।
एक्जिट पोल भी उन्होंने पाखंड बताया। मुलायम और लालू के समधी बनने के सवाल पर भी वह चुप रहे। मोदी की पत्नी के बारे में पूछने पर मीडिया से कहा कि कुछ मुद्दे आप लोग उठाएं।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, शाकिर अली उस्मानी समेत काफी लोग मौजूद थे।