ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल और ऑल इंडिया मुस्लिम ख्वातीन बोर्ड अपने मॉडल निकाहनामे पर देवबंदी व बरेलवी मसलक के उलमा की भी राय लेगा। साथ ही मॉडल निकाहनामे की एक प्रति ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ को भेजी जा रही है। इन तीनों की राय के बाद निकाहनामे में शामिल किए गए प्रावधानों पर अंतिम मोहर लगेगी। मॉडल निकाहनामे को यूपी ही नहीं, पूरे देश में लागू किया जाएगा।
ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हाजी मोहम्मद सलीस ने बताया कि अभी तक जो भी निकाहनामे तैयार हुए हैं, उनमें महिलाओं का पक्ष नहीं रहा है, लेकिन काउंसिल के मॉडल निकाहनामे में कानपुर की महिला शहर काजियों के अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (महिला) के जिम्मेदारों का भी पक्ष शामिल है।