फतेहपुर के राधानगर नई बस्ती में शुक्रवार की रात मजदूर युवक को भीड़ ने चोर समझकर पीटकर मार डाला। बांदा निवासी युवक इसी मोहल्ले में एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करके रात में वहीं सोता था। पुलिस ने अज्ञात भीड़ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि मामले में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। छानबीन की जा रही है। उधर, बांदा से पहुंचे मजदूर के परिजनों ने कहा कि उनका भाई मजदूर था चोर नहीं।
राधानगर मोहल्ले की नई बस्ती में अनिल कुमार का घर है। वह दिल्ली में नौकरी करते हैं। घर में पत्नी सुमित्रा व छोटी बेटी रहती हैं। सुमित्रा ने बताया कि शुक्रवार की रात लगभग ढाई बजे घर में किसी के घुसने की आहट पाकर उसकी नींद खुल गई। एक युवक को देखकर सुमित्रा के शोर मचाने पर पड़ोस में ही रहने वाला भाई राजू मौके पर पहुंचा। तब तक आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
बांदा निवासी युवक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रात में वहीं सोता था
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
बकौल राजू भीड़ ने युवक को घर से निकलते हुए दबोच लिया और चोर समझकर पीटकर अधमरा कर दिया। वह अचेत हो गया। भोर पहर करीब साढ़े चार बजे पुलिस उसे अस्पताल लेकर जा रही थी, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान बांदा जिले के बबेरू थानाक्षेत्र के मझिला मंठा गांव निवासी दिवंगत गया प्रसाद गुप्ता के बेटे गणेश (28) के रूप में हुई।
उधर, सीओ सदर कपिलदेव मिश्र का कहना है कि पुलिस तहरीर को ही आधार मानकर चल रही है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि युवक घर में देर रात चोरी की नीयत से घुसा था। शोर होने पर भागते समय दबोचा लिया गया। उस समय तक भीड़ भी जुट चुुकी थी। भीड़ ने गुस्से में पीट दिया और मौत हो गई। पता चला कि वह पड़ोस में मजदूरी करता था। देर रात वह किसी दूसरे के घर में क्यों घुसा, यह सवाल है।
पुलिस बांदा से पता करा रही है। छानबीन में सारी चीजें साफ होने पर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, बांदा से आए मृतक मजदूर के भाइयों महेश और कमलेश ने बताया कि उनका भाई मजदूरी कर भरण-पोषण करता था। पांच दिन पहले वह पंजाब से लौटा था। यहां किशन सिंह के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करता था और रात में वहीं रहता भी था। उनका भाई मजदूर था, चोर नहीं। परिजनों ने बताया कि पहले कभी भी कोई गलत काम गणेश ने नहीं किया।