थाने में विधायक इंस्पेक्टर के कमरे में बातचीत करने के लिए दाखिल हुए, तो बाहर उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक का कहना था कि शिवा घटना में शामिल नहीं था। पुलिस ने उसे जबरदस्ती पकड़ा और उसे बेरहमी से मारा पीटा है, जबकि जिन लोगों ने उसपर आरोप लगाया है। उनके खिलाफ शिवा ने ही पूर्व में केस दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
दो वीडियो वायरल
हंगामे के दौरान भाजपा विधायक के दो वीडियो भी वायरल हुए। पहला वीडियो एक मिनट का है जिसमें विधायक और इंस्पेक्टर ग्वालटोली प्रवीण कुमार के बीच बातचीत हो रही है। इसमें वह कह रहे हैं कि दरोगा पीड़ित को ही आरोपी बना रहा है। वहीं, 41 सेकेंड के दूसरे वीडियो में विधायक युवक से कह रहे है बताओ तुम्हे मारा है कि नहीं। युवक हामी भरता है तो दरोगा कहता है मारा तो नहीं है, आरोप लगाने को लगा दो। इस पर विधायक और दरोगा के बीच नोकझोंक होती है।
इनामी आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। विधायक की शंका का समाधान करने के लिए पुलिस अपने सबूत दे रही है। किसी के खिलाफ कोई गलत कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनके लगाए आरोपों की एसीपी स्तर के अधिकारी से जांच करा ली जाएगी। -आरएस गौतम, डीसीपी सेंट्रल
डीसीपी व एसीपी मनाते रहे, विधायक अड़े रहे
हंगामे की सूचना पहुंचे डीसीपी व एसीपी विधायक सांगा को समझाने में जुटे रहे, लेकिन विधायक नहीं मानें। अधिकारियों का कहना था कि आरोपी 25 हजार का इनामिया है और एनबीडब्ल्यू वारंट भी जारी है, जबकि विधायक शिवा को अपने साथ थाने से ले जाने के लिए अड़े रहे। उनका आरोप था कि पुलिस ने जबरिया युवक को अपराधी बनाकर एक के बाद एक चार मुकदमे दर्ज कर दिए जबकि वही युवक अपने भाई की हत्या का वादी और चश्मदीद है। पुलिस कर्मियों ने उसे बुरी तरह से पीटा भी है। जिसके चलते उसके हाथ और पैर में काफी चोटें भी आई हैं।
यह था मामला
लोधवाखेड़ा निवासी गुड्डी ने बीते 30 मार्च को ग्वालटोली थाने में चंद्रशेखर, शिवा, बसीठ, अंकित, नीरज, परिवेश, जितेंद्र व संजय के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट, धमकी, हत्या का प्रयास, लूट समेत अन्य गंभीर धाराओंं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 26 मार्च की रात उनका बेटा विशाल घर से चंद्रशेखर की दुकान पर अंडा व पान मसाला लेने गया था। वहां पहले से मौजूद शिव व जितेंद्र ने अन्य के साथ मिलकर कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड व लाठी डंडों से हमला कर दिया था। इसके बाद से उनका बेटा हैलट में भर्ती है। शिवा व अन्य आरोपी फरार हो गए थे। चार अप्रैल को पीड़ित की मां ने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई थी। इसके बाद से डीसीपी सेंट्रल ने फरार आरोपियों पर गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने बुधवार दोपहर सर्विलांस की मदद से शिव को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस मनमानी कर रही है। पीड़ित की ओर से दर्ज मुकदमे में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में ही चार्जशीट दाखिल कर उसे जेल भेज रही है। पुलिस को दो दिन का समय दिया गया है। अगर सही तरीके से कार्रवाई नहीं होती है तो कानपुर की जनता पुलिस की इन मनमानी के विरोध में शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर अपनी बात रखेगी। -अभिजीत सिंह सांगा, विधायक, बिठूर