इसके कुछ देर बाद ही सैफई थानाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह यादव देवर के साथ इटावा पहुंचे और सर्विलांस सेल में कंचन की मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाली। एक दिन पहले कंचन की लोकेशन आगरा में मिली थी जबकि 23 की रात को उनका मोबाइल आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर होने का संकेत दे रहा है। हालांकि कंचन के परिवार का दावा है कि 23 को वह हास्टल में थीं और ननद भी उनके साथ थी।
विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कंचन 24 सितंबर की दोपहर वार्डन को हॉस्पिटल जाने की बात कहकर हॉस्टल से निकली थी। उसके बाद से नहीं लौटी। सीओ क्राइम ब्रांच वैभव पांडेय ने बताया कि पुलिस छात्रा की खोजबीन की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कंचन के मोबाइल की पूरी डिटेल निकलवाई जा रही है। परिजनों से मिली जानकारी और मोबाइल की डिटेल के आधार पर तलाश की जा रही है।