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सैफई मेडिकल कॉलेज से गायब हुई छात्रा की लोकेशन आगरा में मिली, हॉस्टल छोड़ने बाद किसी ने नहीं देखा

Sat, 28 Sep 2019 07:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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गुमशुदा नर्सिंग छात्रा - फोटो : अमर उजाला
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इटावा स्थित सैफई विश्वविद्यालय से लापता नर्सिंग छात्रा कंचन के मोबाइल लोकेशन एक बार आगरा में मिली है। लापता होने वाली रात को उनकी सीडीआर आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मिली थी। शनिवार को पुलिस ने सर्विलांस के जरिये लोकेशन और कॉट डिटेल खंगाली।
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मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र के खड़ेपुर गांव की एएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा कंचन कुमारी नर्सिंग कॉलेज के छात्रावास संख्या तीन के कमरा नंबर 221 में रहती थी। 24 सितंबर से वह लापता हैं। पति ने सैफई थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी लेकिन अभी तक कंचन का कोई सुराग नहीं लगा है। शनिवार को कंचन के देवर, पति और पिता ने एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा से मिलकर सैफई पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
 

 

इसके कुछ देर बाद ही सैफई थानाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह यादव देवर के साथ इटावा पहुंचे और सर्विलांस सेल में कंचन की मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाली। एक दिन पहले कंचन की लोकेशन आगरा में मिली थी जबकि 23 की रात को उनका मोबाइल आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर होने का संकेत दे रहा है। हालांकि कंचन के परिवार का दावा है कि 23 को वह हास्टल में थीं और ननद भी उनके साथ थी।

विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कंचन 24 सितंबर की दोपहर वार्डन को हॉस्पिटल जाने की बात कहकर हॉस्टल से निकली थी। उसके बाद से नहीं लौटी। सीओ क्राइम ब्रांच वैभव पांडेय ने बताया कि पुलिस छात्रा की खोजबीन की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कंचन के मोबाइल की पूरी डिटेल निकलवाई जा रही है। परिजनों से मिली जानकारी और मोबाइल की डिटेल के आधार पर तलाश की जा रही है। 
 
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23 की रात कंचन के साथ थी ननद
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेशचंद्र ने बताया कि 23 सितंबर की रात कंचन के साथ हॉस्टल में उसकी ननद भी रुकी थीं। साथ में रूम पार्टनर अंकिता भी थी। कंचन की परीक्षा अगस्त में हो चुकी है और उसे नोड्यूज लेकर एक दो दिन में ही हॉस्टल खाली करना था। 24 सितंबर को वह नो ड्यूज के सिलसिले में अंकिता के साथ कॉलेज पहुंची थीं, वहां से ऑटो से दोनों अस्पताल पहुंचीं।

वहां से अंजलि एएनसी वार्ड और कंचन ओपीडी भवन में ननद का यूरीन सैंपल देने चली गई। कंचन के मामा ससुर विश्वविद्यालय में कर्मचारी हैं, उनके साथ ननद सुबह हॉस्टल से चली गई थी। शाम आठ बजे हॉस्टल में उपस्थित न होने पर फोन किया गया तो फोन नॉट रीचेबल आ रहा था। अंकिता ने वार्डन को ननद के साथ रिश्तेदार में जाने की जानकारी दी। दूसरे दिन कई बार फोन लगाने पर कॉल रिसीव नहीं हुई तो यूपी 100 पर पुलिस को सूचना दी गई थी।
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