जनपद में जीरो पावर्टी के तहत 2124 किसान परिवार चिह्नित किए गए थे। इन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए थे। सत्यापन के दौरान 1952 परिवार अपात्र पाए गए, जबकि 115 परिवारों को पहले से ही सम्मान निधि मिलने की जानकारी सामने आई।
केस-1 : पट्टे की जमीन का विकल्प नहीं
मलासा ब्लॉक के घार गांव निवासी नीता के पति का निधन हो चुका है। जमीन अभी उनके नाम ट्रांसफर नहीं हुई है। जमीन पट्टे की है और वर्ष 2019 से पहले की पट्टे वाली जमीन का विकल्प सम्मान निधि पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इस वजह से नीता का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
केस-2 : आधार निलंबित होने से अटका पंजीकरण
अमरौधा ब्लॉक के नगीना बांगर निवासी रीना के पति का निधन हो चुका है। मृतक पति का आधार कार्ड निलंबित है। आधार सक्रिय नहीं होने के कारण सम्मान निधि पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
केस-3 : पुरानी पट्टे की जमीन बनी अड़चन
रसूलाबाद ब्लॉक के हीकेपुर निवासी प्रेमचंद्र के पास वर्ष 2019 से पहले की पट्टे वाली जमीन है। पोर्टल पर इस तरह की पट्टे की जमीन का विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका पंजीकरण अटका हुआ है।
केस-4 : मृतक का आधार और मृत्यु प्रमाणपत्र दोनों नहीं
अकबरपुर ब्लॉक के गुजराई निवासी मुन्नी देवी के पति का निधन हो चुका है। पति का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया है। वहीं मृतक का आधार कार्ड भी उपलब्ध नहीं है। दोनों अभिलेखों की कमी के कारण सम्मान निधि पोर्टल पर उनका पंजीकरण नहीं हो सका है। गरीब परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए चिह्नित किए गए इन किसानों के सामने अब जरूरी अभिलेख जुटाने और पोर्टल की व्यवस्था में समाधान का इंतजार है।