हत्यारोपी सोनू और मोनू विश्वकर्मा
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कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र से चार सितंबर से लापता राजमिस्त्री ठेकेदार सुनील यादव (45) की हत्या कर दी गई। ठेकेदार के मकान को हथियाने के चक्कर में किरायेदार ने अपने भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। चार सितंबर को ही हत्या करने के बाद शव बोरे में भरकर बिधनू क्षेत्र में फेंक आए थे।
सीओ विकास पांडेय ने बताया कि बर्रा सात निवासी सुनील यादव की बेटी अदिति ने पांच सितंबर को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सुनील के घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर उनका एक मकान है जिसको फर्नीचर का काम करने वाले सोनू विश्वकर्मा ने दो साल पहले किराये पर लिया था।
सुनील का इसी मकान को खाली कराने को लेकर सोनू और उसके भाई मोनू से विवाद चल रहा था। बेटी अदिति के अनुसार चार सितंबर को सुनील घर से मकान खाली कराकर ही लौटने की बात कहकर निकले थे। इसी शक के आधार पर बेटी ने दोनों भाइयों के खिलाफ पिता के अपहरण की तहरीर दी थी। पुलिस ने दोनों भाइयों को उठाकर सख्ती से पूछताछ की तो गुरुवार को उन्होंने ठेकेदार की हत्या की बात कबूल कर ली।
शव बोरे में भरा, ऊपर से कपड़े भरकर फेंक आए
आरोपियों ने बताया कि चार सितंबर को मकान खाली करने के संबंध में उन्होंने खुद सुनील को पांच बार फोन किया था। दोपहर करीब 1:30 बजे सुनील उनसे उसी मकान में मिलने आए। यहां विवाद के बाद दोनों भाइयों ने पहले किसी भारी वस्तु से उनके सिर पर वार किया। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सुनील के सारे कपड़े उतारे और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर शव बोरे में भरा। कोई समझ न पाए, इसके चलते बोरे में कपड़े भरे और स्कूटी से शव बिधनू में फेंक आए।