बांदा जिले में मूक-बधिर किशोरी के साथ दुष्कर्म के जुर्म में दोषी को 15 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई। 50 हजार रुपये जुर्माना भी भुगतना होगा। जुर्माना अदायगी न करने पर एक वर्ष और कैद होगी।
घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 6 जनवरी 2016 को शाम करीब 4 बजे की है।
गांव की 14 वर्ष की मूकबधिर किशोरी खलिहान गई थी। वहां उसे अकेला पाकर गांव के ही 24 वर्षीय युवक अली रजा पुत्र इकराम अली उसे वहां एक कमरे में ले गया। उसे मारपीट कर डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। इसी बीच किशोरी की बहन उसे खोजते हुए पहुंच गई।
उसने पिता को सूचना दी। आरोपी धमकी देकर भाग निकला। किशोरी के पिता ने थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 376 (2), 452, 506 व 3/4 पॉस्को एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी को 2 फरवरी 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
तब से वह जेल में है। किशोरी के अदालत में बयान भी हुए। गूंगी होने के कारण उसके संकेतों को शिक्षक संतोष तिवारी ने अदालत को समझाया। मेडिकल में बलात्कार की पुष्टि हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने 8 गवाह पेश किए। लगभग साढ़े 4 वर्ष के बाद मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त अली रजा को पास्को एक्ट में 15 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना न देने पर एक वर्ष की और जेल होगी। धारा 452 में 7 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। यह जुर्माना न देने पर दो माह जेल में और बिताना होंगे। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।