आत्मदाह करने पहुंची दुष्कर्म पीड़िता को रोकती महिला पुलिसकर्मी
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उन्नाव में अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध पीड़िता बृहस्पतिवार को सुबह मां संग कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने पहुंच गई। एलआईयू (लोकल इंटेलीजेंस यूनिट) टीम ने महिला पुलिस की मदद से दोनों को पकड़ लिया और पेट्रोल से भरी बोतल व माचिस छीन ली।
दोनों को डीएम देवेंद्र पांडेय से मिलवाया। डीएम ने माखी एसओ को गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एसओ पीड़िता और उसके परिवार के लोगों को थाने लेकर चले गए। माखी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विवाहिता ने 24 अगस्त को गांव के तीन लोगों पर गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
19 जुलाई को गांव के तीन लोगों पर दुष्कर्म की दर्ज कराई थी रिपोर्ट, पुलिस ने दो को नहीं पकड़ा
दुष्कर्म पीड़िता की मां को बचाती पुलिस
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आरोप लगाया था कि 17 जुलाई को वह मायके आई थी। 19 जुलाई को उसके माता-पिता रिश्तेदार के घर गए थे। देर रात एक आरोपी उसके घर पहुंचा और पिता के सड़क हादसे में घायल होने की झूठी सूचना देकर दरवाजा खुलवाया। एक अन्य साथी की मदद से बाइक से अगवा कर घर से करीब डेढ़ किमी. दूर जंगल में ले गए।
जहां तीसरे साथी संग मिलकर गैंगरेप किया। शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे तो तीनों बाइक से भाग निकले। मौके पर दूसरी बाइक और एक आरोपी का आधार कार्ड पड़ा रह गया। पांच दिन बाद एसपी के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के रिपोर्ट दर्ज की।
घटनास्थल पर पुलिस
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एक आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस शांत बैठ गई। तब से दोनों आरोपी उसे जान की धमकी दे रहे थे। पुलिस की सुस्ती और धमकी से परेशान पीड़िता मां व अन्य परिजनों के साथ सुबह साढ़े 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंच गई, लेकिन आत्मघाती कदम उठाने से पहले पुलिस ने दबोच लिया।
माखी एसओ राजबहादुर ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एक आरोपी ने 14 जुलाई 2018 को पीड़िता के पिता पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। मुकदमे में पीड़िता के पक्ष से सुलह करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद उसने दुष्कर्म का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।