आंट रजबहा से होकर निकलने वाली माइनर गुरुवार की रात अचानक फट गई। इससे
माइनर का पानी विक्रमपुुर, जोरावरपुर, बलुआपुर, रायपुर, भवानीपुर गांव तक
पहुंच गया। साथ ही इन गांवों के तीन दर्जन किसानों की करीब सवा सौ बीघा
गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है।
गौरतलब है कि किसान अब तक रजबहों व माइनरों
में सिंचाई का पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे, अब जब पानी छोड़ा जा
रहा है, तब माइनर फट रहे हैं। आंट माइनर फट जाने से करीब सवा सौ बीघा गेहूं
की फसल पानी में डूब गई है। किसान की मांग पर माइनर में पानी रोक दिया गया
है।
किसान सुरेश सिंह, हाकिम सिंह, उदयवीर सिंह ने बताया कि पानी में
गेहूं की फसल डूब जाने से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है। लालपुर
के रहने वाले समाजसेवी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों के साथ ही
विधायक रामस्वरूप सिंह को इस बात की जानकारी दी गई है।
आंट रजबहा की फटी माइनर क्षेत्र में तबाही लेकर आई है। खेतों में भरा पानी
गेहूं की तैयार हो रही पौध पर संकट लेकर आ गया। परेशान किसान अब अपने
खेतों से भरा पानी निकालने का जुगाड़ ढूंढ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि
48 घंटे के अंदर खेतों से पानी न निकला तो उनके खेत में लगी गेहूं की पौध
बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने नहर विभाग और जिला प्रशासन से सहायता की गुहार
लगाई है।
किसान सुरेश सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 6 बीघा में गेहूं
बोया था। बढ़िया मौसम के चलते इस बार अच्छी पैदावार होने की आस जगी थी।
लेकिन, इस फटी माइनर ने उन्हें बर्बाद कर दिया। बस किसी तरह खेत से पानी
निकल जाए तो काम बन जाएगा। किसान हाकिम सिंह ने बताया कि उनके खेत बीच में
पड़ रहे हैं।
उनके लिए खेत से पानी निकालने का कोई साधन ही नहीं है। लगता
है इस वर्ष भी उन्हें फसल नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्ष के सूखा से वह
अभी उबर नहीं पाए हैं और अब यह आफत आ गई।
गांव के उदयवीर सिंह ने बताया कि
वह चना, सरसों, मटर, फूलगोभी, पत्तागोभी आदि की फसल पानी भरने से डूब गई
है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट करना पड़ सकता है।