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लड़की से हैवानियत: एक साल से बाबा, पिता और चाचा कर रहे थे दुष्कर्म, गर्भवती हुए तो चाची ने दवा खाने की सलाह दी

Sat, 28 Dec 2024 06:03 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बिधूना (औरैया)

सार

नाबालिग की मां को भी यातनाएं देने की बात सामने आ रही है। नाबालिग की मौसी ने बताया कि नाबालिग की मां को ससुरालीजनों ने बहुत परेशान किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाबा, पिता और चाचा रिश्तों को तार-तार करते हुए नाबालिग से एक साल तक हैवानियत करते रहे तो चाची, दादी ने चुप्पी साध ली। नाबालिग की मौसी ने आरोप लगाया है कि गर्भवती होने पर चाची ने दवा देकर गर्भपात की सलाह दी थी। यहां तक तीनों आरोपी हत्या की साजिश रच रहे थे। 

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गुरुवार को 14 साल की नाबालिग ने बिधूना थाने में बाबा, पिता और चाचा पर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट लिखाई है। इसमें पीड़िता के दो माह के गर्भ से हो जाने की बात ने सभी को झकझोर दिया है। नाबालिग के साथ दूसरी मां के तौर पर साथ मौसी खड़ी नजर आईं। बाबा, पिता और चाचा की हैवानियत महज बेटी तक ही सीमित नहीं थी। 

नाबालिग की मां को भी यातनाएं देने की बात सामने आ रही है। नाबालिग की मौसी ने बताया कि नाबालिग की मां को ससुरालीजनों ने बहुत परेशान किया था। दस साल पहले बेटे और बेटी को लेकर वह दिल्ली चली गई थी। लेकिन रिश्तेदारों से लेकर किसी सगे संबंधी ने भी हस्तक्षेप नहीं किया। 

यह लोग नाबालिग व उसके बड़े भाई को चार साल पहले दिल्ली से ले आए। क्रूरता की हद देखिए कि बाबा खेत में पौत्री को दबोचता था। पिता हाथ-पैर बांधकर हैवानियत करता और चाचा कमरे में बंद करके दुष्कर्म करता था। जबकि घर में नाबालिग की दादी और चाची भी हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक साल से नाबालिग हैवानियत की शिकार थी। नाबालिग ने व्यथा दादी व चाची को बताई लेकिन वह भी कुछ भी नहीं बोलीं।

नाबालिग के गर्भवती होने पर चाची दवा देकर गर्भपात कराने की सलाह दे रही थी। बाबा, पिता और चाचा ने नाबालिग के गर्भ से हो जाने की जानकारी पर जान से मारने की साजिश भी रची लेकिन, वह समय रहते मौसी के पास जा पहुंची। 

मौसी के मुताबिक 22 दिसंबर को वह उसके पास आई। पीड़िता ने उन्हें आप बीती सुनाई। मौसी ने बताया कि नाबालिग का बड़ा भाई चंडीगढ़ में पत्थर फैक्टरी में काम करने गया था। जानकारी होने पर अब वह लौट आया है। वह दादी-चाची के पास है। 

स्कूल नहीं जाने दिया  
पीड़िता की मौसी ने बताया कि ग्राम पंचायत में परिषदीय स्कूल है। इन लोगों ने नाबालिग का दाखिला तो कक्षा चार में करा दिया, पर कभी स्कूल जाने नहीं दिया। पीड़िता किसी बाहरी शख्स से बात करती या बाहर जाती तो हैवानियत का राज खुल जाता। यहां तक शिक्षक घर-घर पहुंचकर सर्वे करते हैं, लेकिन पीड़िता तक स्कूल चलो अभियान नहीं पहुंचा।
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डेढ़ माह पहले हुआ नाबालिग की मां का निधन, शव लेने तक नहीं गए
नाबालिग की मौसी ने बताया कि दिल्ली में उसकी बहन 10 साल से रह रही थी। डेढ़ माह पहले उसका दिल्ली में देहांत हो गया था। पुलिस की ओर से परिजनों को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई भी शव लेने नहीं गया। ऐसे में पुलिस ने लावारिश में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। 
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