थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार देर रात तिलक समारोह के दौरान छह साल
की बच्ची हैवानियत का शिकार हो गई। वारदात के बाद भागने की फिराक में लगे
वहशी को दबोच ग्रामीणों ने जमकर धुना।
पुलिस ने उसे किसी तरह से ग्रामीणों
के चंगुल से मुक्त कराया और थाने लाकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
यह
वहशियाना वारदात शनिवार रात तिलक समारोह के दौरान उस समय हुई जब एक मासूम
अपनी बड़ी बहन के साथ डीजे पर नाच रहे लोगों को देख रही थी।
समारोह में
शामिल भडपुरा गांव निवासी बाबा का साथी आशीष शर्मा (22) निवासी अंगदपुर
थाना बरौर ने बच्ची को गोद में उठा लिया और डांस दिखाने लगा।
कुछ देर के
बाद वह बच्ची को गोद में उठाए हुए ही खेत में लेकर चला गया। बड़ी बहन ने यह
सब देखा तो घरवालों को बताया। घर के लोग ग्रामीणों के साथ बच्ची को ढूंढने
निकल पड़े।
इसी बीच खेत से बच्ची की चीख-पुकार आई। इस पर परिवारीजन खेत
की ओर लपके। भीड़ को अपनी तरफ आता देखकर दरिंदे ने मौके से भागना चाहा, पर
सफल नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्ची
को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए सीएचसी भेजा गया है।
दरिंदगी की शिकार हुई मासूम घटना के बाद सदमे में है।
घटना के बाबत पूछ
जाने पर वह रोने लगती है। इस वारदात के बाद से उसकी आठ साल की बड़ी बहन भी
दहशत में है। मासूम की मां ने रोते हुए थानाध्यक्ष से कहा कि साहब, ऐखा
फांसी पे लटका देव, एन्हे फूल जईसन बिटिया के साथ गलत काम करो है।