सुब्रत पर 40 लाख का तो विशाल पर करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। सुब्रत ने विशाल को दो लाख रुपये में ही तैयार किया था। सुब्रत के अनुसार, तकिया से मुंह दबाकर मारना और हार्टअटैक बता कर मामले को रफा-दफा करने की प्लानिंग थी लेकिन चाकू ने पूरी प्लानिंग फेल कर दी। विशाल ने विनीत के साथ उनकी दुकान पर 2010 से 2022 तक काम किया था।
दुकान में चोरी किए जाने के आरोप में भले ही विनीत ने उसे निकाल दिया था लेकिन सुब्रत ने उसका साथ नहीं छोड़ा था। सुब्रत की शादी हुई तो विशाल शालू से भी जुड़ गया। हालांकि इस बात का पता विनीत को पूरी तरह से नहीं था। विनीत से छिपाकर सुब्रत और शालू विशाल से घर के काम कराया कराते थे। सुब्रत ने बताया कि विशाल पर भी कर्ज था इसलिए उन दोनों करीब छह माह से पापा को रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर रहे थे। पहले एक्सीडेंट कर मारने की साजिश रची थी, लेकिन विशाल ने मना कर दिया। इसके बाद घर के भीतर ही तकिया से मुंह दबाकर हत्या की साजिश रची ताकि परिवार को हार्ट अटैक बताकर मामले को रफा-दफा किया जा सके।
दवा कारोबारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
सुब्रत का कहना है कि विशाल को चाकू लाना महंगा पड़ गया और पापा ने जब दोनों को कमरे में देख लिया तो बिना कुछ सोचे समझे उन्होंने ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। जब वह अपने कमरे में शालू के साथ पहुंचा तो खून से सना शव देख उसे लगा कि अब वह नहीं बचेगा।
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस जब पूछताछ कर रही थी तो यकीन हो गया था कि उसका जेल जाना तय है लेकिन विशाल ने ऐन वक्त पर शालू का नाम लेकर सारी कहानी पलट दी। शालू को पुलिस ने पकड़ा तो उसे यह भी संदेह हुआ कि कहीं पुलिस शालू के साथ उसे भी साजिश में शामिल न कर दे। यही वजह थी कि वह जेल में एक बार भी शालू से मिलने नहीं गया।