लखनऊ से आई खनन निदेशालय की विजिलेंस टीम ने शनिवार की देररात नरैनी क्षेत्र में केन और बागै नदियों की बालू खदानों पर छापा मारा। मौके पर टीम को करीब बीस लाख रुपये कीमत की बालू से लदे दो सौ ट्रक भी मिले। टीम ने अवैध रूप से खनन की गई बालू को सीज करा चार लोगों के खिलाफ नरैनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर फरार दो लोगों की तलाश शुरू की। केन और बागै नदियों में मौरंग के अवैध खनन की शासन के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं। शासन ने विजिलेंस को जांच के निर्देश दिए थे। डीजी विजिलेंस ने शिकायत की जांच को एक टीम शनिवार की रात बांदा भेजी।
टीम ने नरैनी तहसील में नसैनी गांव के पास केन नदी के किनारे निरीक्षण में मौरंग का अवैध खनन पाया। टीम को अवैध खनन व उसके भंडारण में चार स्थानीय लोगों की संलिप्तता मिली। विजिलेंस का मानना है कि बिना विभागीय अफसरों की मिलीभगत से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन संभव नहीं है।
टीम में शामिल अधिकारी एसके सिंह ने कोतवाली में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। कोतवाली प्रभारी इंद्रदेव ने बताया कि दो आरोपियों नसेनी निवासी साबिर पुत्र अलीम और जमवारा निवासी बद्दी पुत्र अब्बास को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शेष दो की तलाश की जा रही है। नसेनी गांव में किए गए बालू के अवैध डंप को पुलिस ट्रैक्टरों से भरवाकर कोतवाली लाया जा रहा है। दो माह पूर्व खनिज सचिव और निदेशक डा. रोशन जैकब ने भी टीम के साथ आधी रात को जिले की कई खदानों में चेकिंग की थी।