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Kanpur News: दूध कारोबारी का मकान हड़पा, हिस्ट्रीशीटर का भाई गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कानपुर। चमनगंज थाना क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों से दूध कारोबारी का मकान हड़पने हिस्ट्रीशीटर गुलाम वारिस के भाई इश्तियाक अहमद को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मकान पर कब्जा छोड़ने के बदले 50 लाख की रंगदारी मांगी थी। कारोबारी ने 25 हजार रुपये दे भी दिए। ऑपरेशन महाकाल के तहत पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

चमनगंज निवासी दूध कारोबारी तारिख अरफात खान ने शनिवार को दर्ज एफआईआर में बताया कि बाबा नजर अली के नाम पर मकान था। उनकी मृत्यु हो 26 जून 1980 को हो चुकी है। मकान का टैक्स बाबा के नाम 2024-25 तक का जमा किया गया था। जब वह 2025-26 का टैक्स जमा करने गए तो नगर निगम कार्यालय से पता चला कि मकान में बाबा नजर अली खां का नाम खारिज कर इश्तियाक अहमद का नाम अंकित कर दिया गया।
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आरोप है कि उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि इश्तियाक अहमद व उसके भाई गुलाम वारिस व मुश्ताक अहमद जमीन का कारोबार करते हैं। गुलाम वारिस हिस्ट्रीशीटर है। उन लोगों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज में अंकित किया कि नजर अली खां ने एक जनवरी 1990 को इश्तियाक अहमद के पिता इसहाक के नाम मकान दे दिया है। फर्जी बनाए गए इस हिबानामा में गवाह के रूप में मुन्ना रजा, प्रदीप कुमार भल्ला का नाम है। साल 1996 में इश्तियाक ने अपने हक में पिता इसहाक से एक बार फिर हिबानामा तैयार किया। गवाह मुबश्शिर अहमद, खुर्शीद उल्ला है। इश्तियाक ने इन लोगों की मदद से मिलकर मकान हड़प लिया।
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जब उन्होंने इश्तियाक से विरोध किया तो उसने मकान के बदले में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। 25 हजार रुपये दे भी दिए। ऑपरेशन महाकाल के बारे में जानकारी हुई तो शिकायत की। चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर इश्तियाक अहमद, गुलाम वारिस, मुश्ताक अहमद, मुन्ना राजा, प्रदीप कुमार भल्ला, मुबश्शिर अहमद, खुर्शीद उल्ला के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जालसाजी, बेईमानी करके जाली दस्तावेजों का उपयोग करने, आपराधिक षड्यंत्र करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई। इश्तियाक अहमद को अजमेरी चौराहे से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ पूर्व में दो मुकदमे दर्ज हैं।
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