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‘बूढ़ी मां’ को अकेला छोड़ ‘भारत मां’ के लिए शहीद हो गया नरेश, पूरा गांव शोक में डूबा

Mon, 17 Oct 2016 09:01 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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हमीरपुर के मौदहा में गहरौली का रहने वाला था शहीद नरेश कुमार पाल - फोटो : अमर उजाला
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असम के सिलिगुड़ी में तैनात जवान की उग्रवादियों की गोली से मौत हो गई। शहीद जवान का शव मंगलवार को गांव आयेगा। 
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हमीरपुर मौदहा के गहरौली खुर्द गांव निवासी नरेश कुमार पाल (35) वर्ष 2000 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तनमान में असम के सिलिगुड़ी में तैनात थे।  रविवार रात उग्रवादियों से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगने से नरेश शहीद हो गए। नरेश के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची तो युवा-बूढ़े सभी एकत्र होकर नरेश की मां शौकी को सांत्वना देने पहुंच गए। 
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‘बूढ़ी मां को अकेला छोड़ भारत मां के पास चला गया मेरा बेटा’

शहीद जवान की मां शौकी - फोटो : अमर उजाला
शहीद नरेश का पार्थिव शरीर मंगलवार को गहरौली खुर्द गांव आयेगा। सोमवार की दोपहर शहीद की मां शौकी को ग्रामीण सांत्वना देने पहुंचे। नरेश के घरवालों के अलावा पूरे गांव में उसके शहीद होने की खबर से शोक का माहौल व्याप्त है। मां शौकी ने कहा,‘बेटे ने जल्द ही घर आने की बात कही थी। नरेश मुझ बूढ़ी मां को अकेला छोड़ अपनी भारत मां के पास चला गया है। नरेश के भीतर बचपन से ही देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। वह यह बात कहता था कि मरूंगा तो देश के लिए मरूंगा।’ 
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