मनीष पाल की फाइल फोटो, उनके माता-पिता व पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
यूरोप के लिथुआनिया देश से मलेशिया जाते वक्त मर्चेंट नेवी जहाज में सवार चीफ कुक मनीष पाल 29 जनवरी को लापता हो गए। मनीष ग्वालटोली के रहने वाले हैं। मनीष के दोस्त के जरिये उनके परिजनों को जानकारी हुई। परिजनों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, सभी पुलिस अधिकारियों, डीजीपी को पत्र भेजकर बेटे को ढूंढने के लिए मदद की गुहार लगाई है।
ग्वालटोली के अहिराना निवासी जयसेवक पाल के बेटे मनीष पाल 11 साल से मर्चेंट नेवी में कुक हैं। मनीष ने सितंबर 2020 में मुंबई के बर्नहार्ड शटल शिप मैनेजमेंट प्रा. लि. नाम की कंपनी में नई नौकरी ज्वाइन की थी। 12 सितंबर 2020 को मनीष कंपनी की तरफ से शिप पर रवाना हुए थे।
शिप पर उनके जून 2021 तक रहने का करार है। परिजनों के मुताबिक 29 जनवरी 2021 को मनीष से आखिरी बातचीत हुई। उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। शिप के स्टाफ में जो अफसर व कर्मचारी हैं वो बहुत भेदभाव करते हैं। शारीरिक और मानसिक रूप से रोज प्रताड़ित करते हैं।
अबकी वापस आया तो नौकरी ही छोड़ दूंगा। ये बातें व्हाट्सएप कॉल पर मनीष ने 29 जनवरी की दोपहर में अपनी पत्नी पूजा व बहन शिवानी से कहीं थीं। सूचना के मुताबिक उसी शाम साढ़े छह बजे मनीष शिप से गायब हो गया। परिजनों के मुताबिक लग रहा था कि उसको बहुत अधिक परेशान किया जा रहा है।
उसके लापता होने के पीछे शिप कंपनी की बड़ी लापरवाही या साजिश है। मामा सुनील पाल ने बताया कि मनीष जयसेवक का इकलौता बेटा है। चार लड़कियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है। जय सेवक प्राइवेट गार्ड थे जो अब काम नहीं करते हैं। मनीष ही परिवार का खर्च चलाता है। मनीष की पत्नी पूजा व दो साल की बेटी अवनी है।