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कोविड मरीज त्रस्त, साहब बैठकों में मस्त

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कानपुर देहात। कोरोना संक्रमित होकर होम आइसोलेट किए गए मरीजों का हाल जानने के लिए नोडल बनाए अफसर बैठकों में इस कदर व्यस्त हैं कि उन्हें फोन उठाने का समय नहीं मिल रहा है। दिक्कत बढ़ने पर मरीज अस्पतालों की दौड़ लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
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कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीएम ने 16 अप्रैल को आदेश जारी कर एक वरिष्ठ अधिकारी व नौ नोडल अधिकारी नामित करते हुए ड्यूटी लगाई थी। उन्हें जिम्मेदारी दी गई कि वह होम आइसोलेट मरीजों को फोन कर जानकारी लेंगे और आवश्यक दवाओं व सलामती के बावत पूछताछ करेंगे। रोगियों की पत्रावली, आक्सीजन लेवल, तापमान आदि का ब्योरा जुटाकर रखेंगे। लेकिन हालत यह है कि नोडल अधिकारी फोन करना तो दूर मरीजों के फोन करने पर उठाना तक मुनासिब नहीं समझते हैं।
लोगों की शिकायतों पर नोडल अधिकारी बनाए गए जिला विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट के नंबर पर पिछले दो दिन फोन किया तो उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। शुक्रवार को मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने कार्रवाई की बात कही। डीएम के सख्त तेवर देख डीडीओ साहब नजरअंदाज किए गए नंबरों पर फोन कर हाल जांचने में जुट गए। डीडीओ ने बताया कि पिछले दो दिनों से अधिक मीटिंग होने के कारण वह फोन रिसीव नहीं कर पा रहे थे।
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कोविड मरीजों के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। फोन न उठाना गंभीर बात है। मामले की जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र प्रताप सिंह जिलाधिकारी
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