कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय जीएसवीएम मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन)-26 के पहले दिन ईरान-अमेरिका युद्ध और वैश्विक संकट पर गहरी चिंता जताई गई। छात्रों के एक समूह ने ईरान की ओर से जबकि दूसरे ने अमेरिका की नीतियों का प्रतिनिधित्व किया। अन्य देशों के प्रतिनिधियों के रूप में भी छात्रों ने विश्व स्तर पर युद्ध और तनाव के प्रभावों पर विचार-विमर्श किया।
कॉन्फ्रेंस में मेडिकल कॉलेजों के साथ अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह अपनी तरह की पहली कॉन्फ्रेंस थी जिसका उद्देश्य मेडिकल विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद कौशल, शोध क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम का आयोजन एमबीबीएस अंतिम वर्ष पैरा क्यू-2 के बैनर तले किया गया। मुख्य अतिथि उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरि रहीं जबकि विशिष्ट अतिथि आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा रहे।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन बौद्धिक विमर्श, विचारों के आदान-प्रदान और रचनात्मक सहभागिता की शुरुआत का प्रतीक है। कार्यक्रम डॉ. यशवंत राव और डॉ. शालिनी मोहन की निगरानी में हुआ। कार्यक्रम आईएमए मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क यूपी के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन समिति में महक अग्रवाल, सोहम राज पांडेय, उदित प्रताप सिंह, संस्कृति गुप्ता, अभिषेक कुमार आनंद, संभाव और शिवम गुप्ता सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।