बारिश के बाद अब संक्रामक बीमारियों ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। डेंगू और मलेरिया के मच्छर इस कदर सक्रिय हुए हैं कि अस्पतालों में मरीजों की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है। मच्छर अब जानलेवा साबित होने लगे हैं।
बुखार और डेंगू के बुखार के लक्षणों में अंतर
डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। ये बीमारी मुख्य रूप से एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद ये मच्छर जिस किसी को भी काटते हैं, उसमें इस बीमारी के वायरस फैल जाते हैं। इस बीमारी के कारण रोगी को बुखार आता है और कई अन्य शारीरिक परेशानियां होती हैं। चूंकि शरीर में वायरस पहुंचने के 3-4 दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखना शुरू होते हैं इसलिए शुरुआत में लोग इसे सामान्य बुखार या अन्य कोई बीमारी समझकर गलत इलाज करते हैं, जिससे मरीज की हालत और ज्यादा खराब होती जाती है। आपको बता दें कि सही इलाज के अभाव में डेंगू रोग जानलेवा भी हो सकता है। हालांकि डेंगू का बुखार होने पर व्यक्ति की त्वचा ठंडी पड़ जाती है और शरीर पर लाल-गुलाबी चकते पड़ जाते हैं लेकिन कुछ डॉक्टर साधारण बुखार को भी डेंगू बता देते हैं ताकि वो मरीज को डराकर सकें। इसलिए आपको डेंगू और साधारण बुखार में फर्क मालूम होना चाहिये।
जब हम रात को सोते है तो हमे अपने बिस्तर में मच्छरदानी का प्रयोग जरुर करना चाहिए और इस बात का भी जरुर ध्यान रखना चाहिए हमारे द्वारा प्रयोग की जा रही मच्छरदानी कहीं से फटी न हो वरना हम न चाहते हुए भी इन मच्छरों का शिकार हो सकते हैं।
ये हैं बचाव के कुछ उपाय
डेमो पिक
अक्सर आज भी गावों में शाम को अक्सर लोग गाय और भैंस के गोबर से बने उपलों को जलाते हैं और इनमें नीम की पत्तियों को भी इनके साथ जलाते हैं जिससे ये जानलेवा मच्छर इस धुएं के प्रभाव में आते ही मर जाते है इसलिए हमें भी इस कीटनाशक धुएं का प्रयोग करना चाहिए और अक्सर शहरों में तो महानगर पालिका द्वारा कीटनाशक धुएं भी फैलाये जाते हैं और नालियों के किनारे चूने का छिडकाव भी किया जाता है।
दोस्तों आजकल बाजार में अनेक प्रकार के ऐसे दवाएं और कॉइल्स भी मिलते हैं जिनके द्वारा हम इन मच्छरों को भगाने या मारने के रूप में करते हैं तो जब भी हम इन दवाओं, धुआं करने वाली कॉइल्स का प्रयोग करें तो सबसे पहले हमे अपने डोक्टर से इसके बारे में अच्छी तरह जानकारी प्राप्त कर लें फिर इसके बाद ही इन मच्छर मारने वाली दवाओं का प्रयोग करें और हमें इस बात का जरुर ध्यान रखना चाहिए की दवाएं बच्चों की पहुंच से हमेशा दूर ही रखें।
दोस्तों अक्सर सारे बीमारियों की जड़ कही न कही से गंदगी से ही ही शुरुआत होती है तो हम जहा भी कही रहते हो वहा और वहा के आस पास का सफाई में विशेष ध्यान रखना चाहिए, और हो सके तो हमे अपने घरो में उन फालतू चीजो को भी नही रखनी चाहिए जो की या तो टूटी फूटी बेकार हो जिनका कोई उपयोग न हो और पूरे घर के कोने कोने की सफाई नियमित समय अंतराल पर करते रहना चाहिए और घर मे अक्सर ऐसे जगह भी होते है जहा बहुत अँधेरा होता है इन जगहों की सफाई तो विशेष रूप से करनी चाहिए क्यू की इन जगहों पर ही मच्छर छुप जाते है और अँधेरा होने पर बाहर निकलते है
एडीज मच्छर दिन के समय संक्रमण फैलाते हैं। इनका जन्म आमतौर पर जमा पानी वाले स्थानों पर होता है। इसलिए घर के अंदर और आस-पास स्थिर पानी को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा कूलर, गमले आदि में पानी जमा न रहने दें।
डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को फिर से मच्छर द्वारा कटाने से बचाएं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करें किे घर में हर किसी की मच्छर के काटने के खिलाफ रक्षा की जाए।