मानव पर सर्जरी के पहले एमबीबीएस और पीजी के छात्र स्किल लैब और कैडबरिक लैब में सर्जरी सीखेंगे। इससे सर्जरी में चूक होने की गुंजाइश न्यूनतम हो जाएगी। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने प्रत्येक विभाग में स्किल लैब अनिवार्य कर दी है। इस साल प्रवेश लेने वाले एमबीबीएस छात्र अपने सीनियरों के साथ स्किल लैब में जाएंगे। अभी तक एमबीबीएस की लिखित परीक्षा पास करने के बाद इंटर्नशिप में मेडिकल छात्रों को सर्जरी देखने का मौका मिलता रहा है। स्किल लैब का खाका मेडिकल कॉलेज कानपुर ने बुधवार को एमसीआई को भेज दिया है।
सर्जरी, ईएनटी, स्त्री रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग आदि विभागों की स्किल लैब में ढाई सौ उपकरणों का इस्तेमाल एमबीबीएस, एमडी, एमएस के छात्रों को सिखाया जाएगा। इसमें पहले थ्री डायमेंशनल इमेज पर सर्जरी सिखाई जाएगी। साथ ही, नसों को जोड़ना छात्र सीखेंगे। कंप्यूटर स्क्रीन पर सर्जरी में कोई गलती होने पर फौरन चेतावनी दे दी जाएगी। साथ ही विभिन्न सर्जरी के वीडियो भी दिखाए जाएंगे। इसे बाद डमी पर सर्जरी सीखेंगे।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला ने बताया कि स्किल लैब का चरण पूरा होने पर इसे कैडबरिक लैब से जोड़ा जाएगा। छात्र कैडबर (शव) पर सर्जरी सीखेंगे। कैडबर पर सिद्धहस्त होने के बाद मानव पर सर्जरी की जाएगी। साथ ही मेडिसिन, बालरोग, वक्ष रोग आदि की स्किल लैब में विभिन्न रोगों के मरीजों की डायग्नोसिस तैयार करके इलाज के संबंध में सिखाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि स्किल लैब का खाका एमसीआई को भेजा है।