घटना में न तो कोई बाहर गया और न ही अंदर आया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर तमाम चोटें और पसलियों के टूटने की बात सामने आई थी। सवाल उठा कि अगर धारदार हथियार से हत्या की गई, तो पसलियां कैसे टूट सकती हैं। अमूमन हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला मौके से भाग जाता है, जबकि घटना में न तो कोई बाहर गया और न ही अंदर आया।
सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी पुलिस के मददगार रहे
छात्रों से बात करने के दौरान भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई, जिससे हॉस्टल के अंदर के किसी छात्र पर शक किया जा सके। पुलिस के हाथ लगे हॉस्टल के अंदर के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी पुलिस के मददगार रहे। फॉरेंसिक टीम की जांच और रिपोर्ट ने इस मामले को सही राह दिखा दी और मामला हादसे की ओर बढ़ गया है।
इन 10 बिंदुओं के आधार पर फॉरेंसिक की रिपोर्ट मान रही हादसा
1. घटना से पहले साहिल का तीसरी मंजिल पर घूमते दिखना।
2. साहिल के शरीर पर खरोंच और नीला निशान मिलना।
3. सिर से लेकर पूरे शरीर में ज्यादातर चोटों का बाएं तरफ होना।
4. शरीर के सभी अंदरूनी अंगों से खून का बहना।
5. बाएं तरफ की पसलियों का टूटकर फेफड़ों में घुसना।
6. सीढि़यों पर साहिल का खून, बाल व खाल का अंश मिलना।
7. हॉस्टल में दूसरे खंड पर रेलिंग की तरफ बंधी रस्सी का टूटा मिलना।
8. पांच सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में किसी बाहरी का न दिखना।
9. साहिल के मोबाइल की चैट, कॉल डिटेल में कुछ न मिलना।
10. साहिल के खून में एल्कोहल का मिलना।