हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए। इससे एडमिशन, फिर पठन-पाठन का काम बाधित हो सकता है। इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि चुनाव आयोग से अनुमति लेकर शिक्षकों के पद सृजित कराए जा सकते हैं।
यूनिवर्सिटी की बीटेक और बीएस की सीटें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन से भरी जाएंगी। एमएससी और पीएचडी की सीटें ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) से भरी जा सकती हैं। एमबीए की सीटें मैनेजमेंट एप्टीट्यूट टेस्ट (मैट) या फिर कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट (कैट) से भरी जाएंगी। इससे पहले ही शिक्षकों पद सृजित किए जाने का मामला सामने आ गया। कुलपति ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू है। अनुबंधित या फिर संविदा शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकती है। इस पर चुनाव आयोग को पत्र लिखा जाएगा। एडमिशन का हवाला देकर शिक्षकों के पद सृजित किए जाने की अनुमति मांगी जाएगी, फिर एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग कराके पद अनुमोदित कराया जा सकेगा।
पीएचडी की सीटें बढ़ेंगी
कानपुर (ब्यूरो)। हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में पीएचडी की सीटें बढ़ेंगी। इसकी सूचना इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बेसिक साइंस के विभागाध्यक्षों से मांगी गई है, फिर एडमिशन का आर्डिनेंस जारी होगा। इसी सिलसिले में कुलपति प्रो. एमजेड खान ने मंगलवार को मीटिंग भी की। कुलपति ने कहा कि सुपरवाइजर की जानकारी मिलने के बाद ही पीएचडी की सीटें तय की जा सकेंगी।