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जनसंवाद कार्यक्रम: मयूर माहेश्वरी बोले- एक अप्रैल से प्रदेश के 34 औद्योगिक क्षेत्रों की देखरेख करेगा यूपीसीडा

Thu, 20 Mar 2025 12:16 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अमर उजाला के जनसंवाद कार्यक्रम में यूपीसीडा सीईओ मयूर माहेश्वरी ने उद्यमियों के सवालों के जवाब दिए। 
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यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम से हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों का रखरखाव और विकास के सभी कार्य यूपीसीडा कराएगा। एक अप्रैल को नगर निगम से औद्योगिक क्षेत्रों की जिम्मेदारी यूपीसीडा के पास आ जाएगी। शुल्क यूपीसीडा के पास ही जमा होगा, इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। अमर उजाला के जनसंवाद कार्यक्रम में यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कानपुर सहित प्रदेश के कई जिलों के उद्यमियों के सवाल के जवाब दिए। बताया कि पनकी, रूमा, कानपुर देहात के जैनपुर सहित प्रदेश के 34 औद्योगिक क्षेत्रों की देखरेख अब यूपीसीडा करेगा। सभी स्थानों पर प्लान बनाकर काम किया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास भी तेजी से किए जाने की बात कही। इनमें कन्नौज का इत्र पार्क, संडीला सहित कई औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। बताया कि ट्रांस गंगा सिटी में अभी तक 47 प्लांट आवंटित किए जा चुके हैं। उद्यमियों की ओर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब...
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कन्नौज के इत्र पार्क में उद्योग लगाने के लिए जहां पर प्लॉट लिया है, वहां इलेक्टि्रक बाॅक्स होने की वजह से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। प्लॉट समतल भी नहीं है।. -प्रखर त्रिवेदी, कन्नौज
इलेक्टि्रक बाॅक्स हटाने के लिए ऊर्जा निगम की टीम को पत्र भेजा गया है, जल्द ही वहां टीम जाकर उसे हटाएगी। इत्र पार्क में जहां भी दिक्कत है, वहां आरएम के नेतृत्च में एक टीम मौके पर जाकर कर सुधार करेगी।
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यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
पनकी क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक दोनों तरह के प्लाट है, इसके विस्तारण शुल्क को लेकर दिक्कत आ रही है। - ज्ञानेंद्र अवस्थी, पनकी औद्योगिक क्षेत्र
पहले जो प्लाट लिया है, उस पर निर्माण कार्य शुरू कर प्रोजेक्ट तैयार कीजिए। भवन का नक्शा स्वीकृत कराइए। विभाग की ओर से हर संभव सुविधा दी जाएगी।

पिता के नाम से औद्योगिक इकाई है, छोटे भाई-बहन के नाम यदि उसका हस्तांतरण कराना क्या संभव है। - संदीप अवस्थी, कानपुर
यदि आपस में रक्त संबंधी हैं तो हस्तांतरण में कोई दिक्कत नहीं आएगी। जिला प्रशासन की ओर से वरासत प्रमाणपत्र बनाया जाता है। यदि वसीयत है तो उसके आधार पर भी यह हो सकता है।

व्हाट्सएप पर पेमेंट के लिए जो मैसेज आ रहा है, क्या उसमें अभी और अपडेट होना है, या यहीं अंतिम है। इसको लेकर असमंजस है। साथ ही एकमुश्त निस्तारण सुविधा क्या मिलेगी। -रणजीत कुमार श्रीवास्तव, बाराबंकी व विकास कुमार पनकी
अभी कोई चार्ज नहीं बढ़ाया गया है, किसी भी तरह के असमंजस में न रहें। 90 प्रतिशत बिल अपग्रेडेड हैं। उद्यमियों का कोई भी एकमुश्त निस्तारण विचाराधीन नहीं है। दो हजार लोगों को इसकी सुविधा का लाभ मिल चुका है।
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साइट वन औद्योगिक क्षेत्र में सीएफसी भवन को गिराने के बजाए उसकी मरम्मत कर दिया जाए तो बेहतर रहेगा। - अशोक गर्ग, आईआईए सचिव, उन्नाव
इस भवन की अवधि खत्म हो गई है। आईआईटी जैसी संस्थाओं से जांच कराने के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्य कराया जाएगा।

एक अप्रैल 2022 से पहले के गृहकर और मेंटीनेंस टैक्स को लेकर नगर निगम और यूपीसीडा का मामला अधर में लटका है, इससे उद्यमी परेशान है। - उमंग अग्रवाल, उद्यमी, फजलगंज
इस संबंध में नगर निगम और उद्यमियों के साथ बैठकर बात की जाएगी। बीच का रास्ता निकाला जाएगा। उद्यमियों को सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
 
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