बसपा सुप्रीमो व पूर्व सीएम मायावती ने कानपुर के बिल्हौर में जनसभा के दौरान कहा कि भाजपा की नौटंकी और सपा की गुंडई से यूपी बेहाल है। यूपी में सरकार बनने पर सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के साथ मुस्लिमों को प्रदेश में विशेष आरक्षण देकर सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियां दी जाएंगी। कानपुर देहात का नाम बदलकर फिर से रमाबाई नगर करने का ऐलान भी किया। मंगलवार को बिल्हौर क्षेत्र के शिवराजपुर कसबे में बैरी मैदान पर बसपा की चुनावी रैली हुई।
शिवराजपुर कसबे के चुनावी रैली को संबोधित करते वक्त पूर्व सीएम ने कई बड़े ऐलान खुले मंच से किए। उन्होंने प्रधानमंत्री को मीडिया के माध्यम से देश भर की जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाकर कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए पहले चरण के मतदान पर मीडिया में गलत बयानबाजी कर रहे हैं। बसपा की जीत भांपकर टीवी पर उनका चेहरा उतरा हुआ नजर आ रहा है। बीजेपी की गलत बयानी जनता जान चुकी है।
कहाकि बसपा की सरकार बने या न बने लेकिन वह न किसी को समर्थन देंगी और न ही किसी दल का समर्थन लेगी। बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए हैदराबाद के रोहित वेमुल्ला, गुजरात में बेल्टों से दलित को पीटने, बुलंदशहर रेप कांड का हवाला देकर, पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह की चिकनी चुपड़ी बातों में न आने की बात कही।
तंज कसते हुए कहा कि सपा के मंत्री शिवपाल यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रार से प्रदेश में अराजकता फैलाने वाली, गुंडागर्दी में लिप्त समाजवादी पार्टी दोबारा जनता नहीं बनाएगी। शिवपाल सिंह स्वयं अंदर ही अंदर पार्टी को हराने में लगे हुए हैं।
पांच वर्षों में दलितों की पट्टा जमीन पर कब्जा, सरकार बनते खाली कराए जाएंगे और विशेष अभियान चलाकर दलितों, गरीबों, शोषित वर्गों के लोगों की एफआईआर दर्ज कर पूंजीपतियों, धन्नासेठों, भू माफियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। 11 मार्च को प्रदेश में बसपा 300 से अधिक सीटें जीतकर सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीत पर काम कर जन-जन के कार्यों को वरीयता के आधार पर करेगी।
स्मारक और मूर्तियां नहीं लगवाई जाएंगी- मायावती
बिल्हौर चुनावी रैली में मायावती ने कहा कि इसबार प्रदेश में न तो स्मारक बनवाए जाएंगे और न ही मूर्तियां लगवाई जाएंगी। बसपा द्वारा जिन जिलों, शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों का नाम बदलकर महापुरुषों पर रखा गया था उन्हें द्वेष के कारण सपा सरकार ने बदलवा दिया है। सरकार आते ही 24 घंटे में उक्त सभी का नाम पूर्व की तरह ही करवा दिया जाएगा।