इटावा के स्थानीय रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को वृद्ध यात्री ने शताब्दी एक्सप्रेस के टीटीई पर धोती पहनने के कारण कोच में न चढ़ने देने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। डीआरएम के पीआरओ ने वृद्ध की शिकायत को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे अपने कोच तक नहीं पहुंच पाए थे, इसलिए ट्रेन छूटी थी।
बाराबंकी जिले के मूसेपुर थुरतिया निवासी वृद्ध रामअवध दास (72) को इटावा स्टेशन से गाजियाबाद जाना था। उनका शताब्दी एक्सप्रेस के कोच सी- 2 में 72 नंबर सीट पर आरक्षण भी था। किंतु वह ट्रेन में यात्रा नहीं कर पाए। इसकी शिकायत उन्होंने स्टेशन की शिकायत पत्रिका में दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि धोती पहने हुए थे इसलिए टीटीई ने ट्रेन की बोगी में नहीं चढ़ने दिया।
स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने बताया कि शिकायत उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। डीआरएम के पीआरओ सुनील गुप्ता ने फोन पर बताया कि वृद्ध की शिकायत गलत है। वृद्ध इंजन की ओर लगे जनरेटर यान के पास पहुंच गए थे। वे जनरेटर यान में चढ़ना चाहते थे।
टीटीई और जीआरपी के सिपाही ने उन्हें रोका था। उनसे कहा गया था कि आपका कोच पीछे की ओर है, वहां जाएं। वृद्ध होने के कारण वह अपने कोच तक नहीं पहुंच पाए, इसलिए उनकी ट्रेन छूट गई थी। यात्री ने गलत शिकायत की है।