इटावा/बसरेहर। मकान कब्जाने के प्रयास में शुक्रवार शाम बसरेहर विकास खंड कार्यालय से बीडीओ को मथुरा पुलिस पूछताछ करने के लिए हिरासत में लेकर गई है। बीडीओ को पुलिस ले जाने के बाद विभाग में खलबली मची हुई है।
शुक्रवार शाम बसरेहर विकास खंड कार्यालय में बीडीओ भूदेव प्रसाद लवानिया कार्यालय से निकलने की तैयारी में बैठकर चाय पी रहे थे। इस बीच बसरेहर थाने से एक सिपाही कार्यालय पर पहुंचा और बीडीओ साहब के बारे में पूछा। कर्मचारियों की ओर से बीडीओ बैठे होने की जानकारी देते ही सादे कपड़ों में निजी कार से आए तीन-चार पुलिसकर्मी ने बीडीओ को हिरासत में ले लिया। उनका मोबाइल, चश्मा अपने पास रखते हुए कार में बैठाकर टीम कुछ ही मिनटों में कार्यालय से निकल गई।
कर्मचारियों ने मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी इस पर मथुरा पुलिस के ले जाने की बात पता चली। बीडीओ के पुलिस ले जाने की जानकारी के बाद कार्यालय में खलबली मची रही। सभी एक दूसरे से जानकारी करते नजर आए। एसएसपी मथुरा शैलेश कुमार पांडे ने बताया कि एक महिला ने अपना मकान कब्जाने के प्रयास की शिकायत की थी। इसे लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पूछताछ के लिए टीम बीडीओ को लाई है।
लगभग एक सप्ताह पहले बसरेहर बीडीओ भूदेव अलीगढ़ से ट्रांसफर होकर आए थे। वह अलीगढ़ के खैर ब्लाक में लगभग सवा साल तक ज्वाइंट बीडीओ के पद पर तैनात रहे थे। एक सप्ताह पहले ही वह इटावा में बीडीओ के पद पदोन्नत होकर आए थे। डीडीओ राकेश प्रसाद ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले ही भूदेव लवानिया ट्रांसफर होकर आए थे। किसी व्यक्ति मामले में उन्हें मथुरा पुलिस के ले जाने की जानकारी हुई है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बीडीओ का परिवार मथुरा में ही रहता है। कुछ समय पहले उन्होंने अपने बेटे की शादी के लिए शिकायतकर्ता महिला का मकान किराए पर लिया था। इससे पहले वह पड़ोस में एक मकान में रहते थे। बताते हैं किराए पर मकान लेने के एक माह बाद ही वह किराया देने में आनाकानी करने लगे थे। इसके बाद उन्होंने कब्जे की मंशा एक फर्जी एग्रीमेंट बनवा लिया था। हालांकि पुलिस सभी आरोपी की जांच पड़ताल कर रही है।