फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना चिकित्सक चल रही मैटरनिटी विंग

विज्ञापन
विज्ञापन
झींझक। सीएचसी परिसर में मौजूद मैटरनिटी विंग में बीते डेढ़ साल से किसी भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। यहां गर्भवती का उपचार स्टाफ नर्स करती है। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन

साल 2018 में सीएचसी स्थित मैटरनिटी विंग का शुभारंभ विधायक रसूलाबाद निर्मला संखवार ने किया था। कस्बाई सहित क्षेत्र के लोगों को आस जगी थी कि गर्भवती के उपचार के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। जबकि इस समय हाल यह है कि गर्भवती के प्रसव के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। तैनात स्टाफ नर्स प्रसव करा रही हैं।
अधिकतर मामले बिगड़ जाने के बाद उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। वहीं गर्भवती के लिए लगाई गई लिफ्ट काफी समय से खराब है। इससे भी उन्हें परेशान होना पड़ता है। हालांकि किसी भी इमरजेंसी पर सीएचसी में तैनात डॉक्टरों की मदद ली जाती है।
विज्ञापन

डिजिटल एक्सरे मशीन भी नहीं, लौट रहे मरीज
झींझक। सीएचसी झींझक में एक्सरे के लिए डिजिटल मशीन लगाई गई थी जो इस समय अस्पताल में नहीं है। इससे मरीजों को प्राइवेट लैब में महंगे रेट पर एक्सारे करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों के लिए वार्ड बनाए गए, लेकिन सुविधाएं न होने से सालों से कोई मरीज भर्ती नहीं किया गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी व झाड़ियां खड़ी हैं। इसकी सफाई नहीं कराई जा रही है।
सीवर का पानी ओवर फ्लो होकर फैलाता गंदगी
झींझक। सीएचसी स्थित आवास जर्जर हो चुके हैं। बारिश होने पर ग्राउंड फ्लोर पर बने आवासों तक सीवर का पानी पहुंच जाता है। इसके साथ ही परिसर में भी गंदा पानी भरा रहता है। तीमारदारों के लिए बना रैन बसेरा भी जर्जर हो चुका है।
रात के समय तीमारदार को परेशान होना पड़ता है। वहीं पेयजल के लिए लगाया गया वाटर कूलर खराब होने से मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खराब हो चुके हैं।
मैटरनिटी विंग नर्स के भरोसे, सीएचसी में नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ
झींझक। मैटरनिटी विंग में तीन महिला चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ व निश्चेतक की तैनाती होनी चाहिए। इनमें से एक की भी अस्पताल में तैनाती नहीं है। वहीं झींझक सीएचसी में अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. प्रतीक पांडेय, डॉ. शिरोमणि, डॉ. जीडी सचान, डॉ. उमाशंकर, डॉ. मनीष कुमार की तैनाती है।
डॉ. मनीष वैक्सीनेशन व डॉ. शिरोमणि की कोविड अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई है। सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। बुधवार को ओपीडी में डॉ. जेपी सिंह व डॉ. उमाशंकर मरीजों को देख रहे थे। डॉ. प्रतीक पांडेय की इमरजेंसी में ड्यूटी लगी थी। डॉ. जीडी सचान का ऑफ था।
रेफर सेंटर बना स्वास्थ्य केंद्र
झींझक कस्बे के मोनू कमल ने बताया कि अस्पताल में इलाज के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। इस दौरान मरीजों की जान पर भी बन आती है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है।
दवाओं का टोटा है। मरीजों को महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ रही है। राजपुर गांव के नरेंद्र ने बताया कि मैटरनिटी विंग चालू होने से बेहतर उपचार की उम्मीद जागी थी। डॉक्टर की तैनाती न होने से स्टाफ नर्स प्रसव कराती हैं। हालत गंभीर होने पर महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। गर्भवती के लिए एक डॉक्टर तैनात करने की जरूरत है।
डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। एक्सरे मशीन को संस्था उठा ले गई। इससे एक्सरे नहीं हो पा रहा है। जल्द हैंडपंप व वाटर कूलर को ठीक कराया जाएगा। - राजेश कुमार अधीक्षक झींझक सीएचसी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें