कानपुर देहात। स्वास्थ्य सेवाओं को चाक चौबंद दिखाने वाले अफसरों की लापरवाही के चलते जिले के तेरह सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं को पिछले छह माह से दो वक्त का भोजन नहीं मिल रहा है। इसका कारण भोजन के लिए फर्म का टेंडर न होना बताया जा रहा है। सीएमओ डीपीएम की सुस्ती के कारण प्रक्रिया मेें देरी का दुखड़ा सुना रहे।
जिले के दस सामुदायिक व तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की सुविधा है। यहां पर प्रसव के बाद महिलाओं को निशुल्क नाश्ता व भोजन देने की व्यवस्था शासन से की गई है। वर्तमान में किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह माह से प्रसूताओं को भोजन को भोजन नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल प्रभारी सरकारी मद से सुबह का नाश्ता देकर काम चलाते हैं।
नाश्ते में बंद पैकेट दूध, एक मौसमी फल व ब्रेड आदि दिया जा रहा है। ऐसे में भोजन की व्यवस्था प्रसूता के परिवारीजन खुद से करते हैं। सोमवार को अकबरपुर सीएचसी में भर्ती अकबरपुर क्षेत्र के कुईतखेता निवासी प्रसूता उमा ने बताया कि सुबह के नाश्ते में दूध, पाव व एक केला दिया गया है। दोपहर व शाम का खाना घर से मंगाया जाता है।
इसी तरह नौरंगाबाद की रहने वाली प्रसूता रुचि ने कहा कि घर दूर होने के कारण खाना मिलने में दिक्कत होती है। कई बार रिश्तेदार तो कभी होटल से खाना मंगाकर काम चलाया जा रहा है। लॉकडाउन होने के कारण कई बार रात में खाना भी नहीं मिल पाता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आईएच खान ने बताया कि अनुबंध निरस्त होने के कारण पिछले छह माह से प्रसूताओं को वह सिर्फ नाश्ता ही दे पा रहे हैं। इसी तरह का हाल जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का बना हुआ है।
कमियों के चलते खाना आपूर्ति करने वाली फर्म का टेंडर पूर्व में निरस्त कर दिया गया था। नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। डीपीएम से कई बार जल्द टेंडर करने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह अनसुना कर देते हैं। फिर से कहा जाएगा। -डॉ. राजेश कटियार (सीएमओ)
गुटबाजी के चलते लटकी टेंडर प्रक्रिया
कानपुर देहात। छह माह से भोजन आपूर्ति का टेंडर न होने के पीछे अफसरों की गुटबाजी की बात सामने आ रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य महकमे के एक बड़े अफसर अपने चहेते को टेंडर दिलाना चाहते हैं।
जबकि उक्त फर्म एक जिले में अनियमितता पर ब्लैक लिस्टेड हो चुकी है। इसी तरह अन्य अफसर भी मनमाफिक फर्म को टेंडर दिलाने में लगे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह भोजन आपूर्ति के नाम पर लंबी कमाई बताई जा रही है।