कानपुर। मेटेरियल साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर खोल रही है। निजी और सरकारी उद्योगों में इस विशेषज्ञता के इतने अवसर हैं कि विद्यार्थी कम पड़ रहे हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मेटेरियल एंड मेटलर्जिकल साइंस विभाग में तीन सालों में पास हुए छात्रों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है। इस समय विभाग में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।
मेटेरियल साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वीके कश्यप का कहना है कि स्टील इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, रेलवे, ओएनजीसी, डीआरडीओ समेत बहुत ऐसे संस्थान हैं जिनमें इस विशेषज्ञता के इंजीनियरों की जरूरत पड़ती है। स्थिति यह है कि उतने लोग संस्थानों को मिल नहीं पाते हैं। जितने पास होते हैं, उनका प्लेसमेंट हो जाता है।
उन्होंने बताया कि बीटेक मेटेरियल साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। गेट परीक्षा पास करने वालों को पब्लिक सेक्टर यूनिट में नौकरी मिल जाती है। इसके अलावा कानपुर, मुंबई, चेन्नई, रुड़की, बीएचयू आदि की आईआईटी में एमटेक में प्रवेश मिलता है। इसमें कुल 60 सीटें हैं। कोर्स चार साल का है।