वह 17 जून को उसी ऑफिस पहुंचा, जहां से मोहसिन, यासीन नाम के युवक उसे और करीब 20 हिंदू लड़कों को 30 से 40 मुस्लिम लोगों के साथ एक मदरसे में ले गए। मदरसे में बताया कि वह लोग उनके अनुसार चलेंगे तो हर महीने एक से दो लाख रुपये कमा सकते हैं। फिर एक सेमिनार हुआ। उसमें वक्ताओं ने संगठन से जुड़कर रुपये कमाने की बात कही। 19 जून की सुबह करीब 50 हिंदू और 100 मुस्लिम लड़कों के साथ उसे भी एक मस्जिद ले गए।
धर्म परिवर्तन के लिए किया बाध्य
मस्जिद में एक मौलवी ने मुस्लिम धर्म अपनाने और प्रचार प्रसार की बात कही। सप्ताह भर की ट्रेनिंग के बाद रुपये मिलने की बात कही। मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने लगे। मकान मालिक अलीम ने भी धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करते हुए बंधक बना लिया। किसी तरह से जान बचाकर पुलिस तक पहुंचा। सुधांशु की तहरीर पर पुलिस ने कंपनी के हेड इकलाख, यासीन, मकान मालिक अलीम, मोहसिन, मौलवी, अरमान अली और उसके एक अज्ञात मुस्लिम साथी के खिलाफ बंधक बनाने, धर्म परिवर्तन, धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने दबिश देकर मोहसिन अंसारी निवासी मनिहारी थाना फतेहगढ़ जिला फर्रुखाबाद, यासीन मंसूरी निवासी बहादुरगंज थाना मऊ दरवाजा जिला फर्रुखाबाद, मकान मालिक मोहम्मद अलीम को गिरफ्तार किया है। यह सभी लोग अलीम के हाते में शहीद गार्डन तुराबअली का पुरवा में रहते हैं। सीओ सिटी डीसी मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
शातिरों पर पहले भी दो मुकदमे दर्ज
इस पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड इकलाख है। पुलिस के मुताबिक इसने अंतरराज्यीय नेटवर्क फैला रखा है। यह लोग ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मार्केटिंग कंपनी संचालित करते हैं। दो साल पहले इकलाख समेत गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ दो मुकदमे सदर कोतवाली में दर्ज हुए थे। पीड़ित युवकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें भी नौकरी के नाम पर बुलाकर रुपये लिए गए और बंधक बनाया गया।