कबरपुर में रोस्टर के मुताबिक दुकानें खोलने के बारे में व्यापारियों को समझाते एसडीएम।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। अकबरपुर में गुरुवार को व्यापारियों ने रोस्टर तोड़कर दोनों तरफ की दुकानें खोल लीं। जानकारी पर एसडीएम सदर आनंद कुमार सिंह, नायब तहसीलदार संजय कुमार सिंह और कोतवाल तुलसीराम पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। इन लोगों ने स्टेट बैंक के सामने की पटरी की सभी दुकानों को बंद करा दिया। व्यापारियों ने बाजार में दुकानें खोलने का समय घटाने का तर्क रखकर प्रतिदिन दुकान खोलने की छूट मांगी। एसडीएम सदर ने कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा बताकर दुकानदारों को तय रोस्टर के अनुसार ही दुकानें खोलने के लिए समझाया।
प्रदेश सरकार का कोरोना वायरस व संचारी रोगों के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए सप्ताह में शनिवार व रविवार को बंदी का आदेश है। अन्य दिनों में सड़क की दाईं व बाईं तरफ की दुकानें एक-एक दिन खोलने का रोस्टर तय है। इस नियम से व्यवसाय प्रभावित होने का तर्क व्यापारी दे रहे हैं। गुरुवार को व्यापारियों ने रोस्टर की अनदेखी कर दुकानें खोल ली थी। एसडीएम सदर ने बताया कि दुकानदारों को समझाया गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने का खतरा बरकरार है। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए नियम तय किए गए हैं। दुकानदारों को तय दूरी का पालन करने और मास्क लगाने की चेतावनी दी गई है। दुकानों पर अनावश्यक भीड़ न लगने देने को कहा गया है। नियमों की अनदेखी कर खोली गईं दुकानों को बंद करा दिया गया।
दुकानदारों ने बयां किया दर्द
अकबरपुर के सर्राफा व्यवसायी अमल अग्रवाल कहते हैं कि पहले तीन दिन दुकानें बंदी का आदेश आया था। इसके बाद एक-एक दिन छोड़कर दुकानें खुल रही थी। अब सप्ताह में दो दिन पूरी तरह से दुकानें बंद रहेगी। एक-एक दिन छोड़कर दुकानें खोलने से एक पटरी की दुकानें केवल दो दिन ही खुल पा रही हैं। इससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। कपड़ा व्यवसायी विजय गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन से व्यापार पहले ही प्रभावित था। अब नया नियम व्यापार को प्रभावित कर रहा है। प्रतिदिन दुकान खुलने की छूट मिलनी चाहिए, समय चाहे कम कर दिया जाए। इलेक्ट्रिकल व्यवसायी सुनील गुप्ता ने कहा कि इस नियम से ग्राहकों को काफी परेशानी हो रही है। दुकानदारी प्रभावित है। इसका असर व्यवसाय के घाटे के तौर पर सामने आ रहा है। फर्नीचर व्यवसायी रोहन द्विवेदी ने कहा कि प्रति दिन दुकान खोलने की छूट मिलनी चाहिए। प्रशासन चाहे तो समय अवधि को कम कर सकता है।