कानपुर देहात। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में अब तक 64 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो सकी है। 36 फीसदी काम अभी बाकी है। किसी का सूची में नाम नहीं मिल रहा है तो कोई सही बूथ की जानकारी नहीं दे पा रहा है। बीएलओ व अन्य कर्मी भरकर मिले गणना प्रपत्रों में मतदाताओं की 2003 की सूची से मैपिंग में माथा पच्ची कर रहे हैं। इसमें कर्मियों को पसीना आ रहा है।
जिले की चार विधानसभा में कुल 1336177 मतदाता हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में लगे 1577 बीएलओ घर-घर गणना प्रपत्र बांट चुके हैं। अब 11 दिसंबर तक बीएलओ एप पर डिजिटाइजेशन व मैपिंग का काम पूरा कराना है। इधर लोगों ने जानकारी के अनुसार गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को लौटा दिए हैं। बीएलओ एप पर 81.37 फीसदी डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। हालांकि 2003 की मतदाता सूची से मतदाताओं की मैपिंग का काम सुस्त है। इसकी वजह है कि मतदाताओं को पुरानी सूची में किस बूथ पर नाम दर्ज है इसकी सही जानकारी नहीं है।
वहीं, कई बार लोग पूर्व में जिस विधानसभा सूची में नाम शामिल था उसे छोड़कर दूसरी विधानसभा में रहने लगे हैं। न बूथ नंबर पता है और न ही भाग संख्या। बीएलओ उन्हें फोन पर इसकी जानकारी पूछ रहे हैं तो वह सही ब्योरा नहीं दे पा रहे हैं। इसकी वजह से मैपिंग में बीएलओ व निर्वाचन कार्य में लगे अन्य कर्मियों को पसीना आ रहा है। अब तक करीब 64 फीसदी मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग हो सकी है।
.....................
वर्जन...................
गणना प्रपत्र में कॉलम वार सही जानकारी नहीं दिए जाने से 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग में दिक्कत आ रही है। ऐसे लोग चुनाव आयोग की वेबसाइट पर बूथ और नाम का ब्योरा देख सकते हैं। मतदाताओं से संपर्क कर बीएलओ मैपिंग कार्य करा रहे हैं। जल्द मैपिंग पूरी कर ली जाएगी। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाएगी उन्हें नोटिस दी जाएगी। 12 पहचान पत्रों में से उन्हें कोई एक पहचान पत्र देना होगा। इसी के आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल रखा जाएगा। - अमित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी
..........................
केस एक :
रूरा निवासी संध्या अब कानपुर में रहती हैं। वहां सीसामऊ विधानसभा मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है। उपलब्ध जानकारी भरकर उन्होंने गणना प्रपत्र बीएलओ को दे दिया। अब बीएलओ 2003 की सूची में बूथ, भाग संख्या आदि की जानकारी मांग रहे हैं। इस पर वह परेशान हो रही हैं। इधर बीएलओ मैपिंग नहीं कर पा रहे।
.....................
केस दो :
मुंडेरा किन्नर सिंह निवासी प्रवीण कुमार सेना में तैनात रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद अब वह अकबरपुर में व्यवसाय करते हैं। अकबरपुर-रनियां विधानसभा सूची में उनका नाम है मगर अब वह मुंडेरा किन्नर सिंह गांव की बूथ संख्या और भाग संख्या नहीं बता पा रहे हैं। इधर अधूरे ब्योरे की वजह से बीएलओ मैपिंग पूरी नहीं कर पा रहे।
............
इनसेट.........
मैपिंग में भोगनीपुर आगे, रसूलाबाद पीछे
भोगनीपुर विधानसभा में तेजी से मैपिंग कराई गई है। अब यहां 114983 मतदाताओं की मैपिंग शेष है। रसूलाबाद विधानसभा में काम सुस्त है। यहां अभी 122117 मतदाताओं की मैपिंग बाकी है। अकबरपुर-रनियां विधानसभा में 121381 मतदाताओं की मैपिंग होनी है वहीं सिकंदरा विधानसभा में 123302 मतदाताओं की मैपिंग की जानी है।