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एक पल में बिछड़ी इनकी खुशी, अपनों की ‘तलाश’ हो रही हर कहीं

Sun, 20 Nov 2016 04:06 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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हादसे में कई यात्री अपने रिश्तेदारों को ढूंढ रहे, लापता यात्रियों की तलाश जारी - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर पुखरायां में हुए भीषण रेल हादसे में कई लोगों की खुशियां एक पल में बिछड़ी गईं। यात्री अपनों की ‘तलाश’ के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। आजमगढ़ की रूबी गुप्ता पर तो दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। हादसे के बाद से उसके पिता लापता हैं। रूबी के एक हाथ की हड्डी टूट गई है उनकी शादी एक दिसंबर को होनी है और इसके लिए वह इंदौर से आजमगढ़ के मऊ जा रही थीं। रूबी के पारिवारिक दोस्त राम प्रमेश सिंह भी यात्रा कर रहे थे वो भी कहीं लापता हैं। इसी तरह तीन वर्षीय आरोही भी अपने परिजनों से बिछड़ गई है। कानपुर के सनी अपने दोस्त के पिता अजय कुमार को खोज रहे हैं तो पूनम और सीता अपने रिश्तेदारों की सलामती की दुआ करती नजर आ रही हैं। 
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लखनऊ के विनोद ने बताया कि वह पिछले छह घंटे से अपने माम वीरेंद्र सिंह चौहान को ढूंढ रहे हैं लेकिन अभी तक उनका कुछ भी पता नहीं चला है। घायलों की लिस्ट देखी है उसमें भी उनका नाम नहीं है। इसी तरह शबनम और रुख्सार का अपने मातापिता से बिछड़ने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। उधर रेलवे प्रशासन की ओर से घायलों, लापता यात्रियों और मरने वाले लोगों का नाम एनाउंस कराया जा रहा है। दुर्घटना स्थल पर आठ माह की एक और बच्ची अकेली मिली है। इसके अलावा आठ साल का लड़का रोते हुए मिला है, अभी तक उसके परिजनों का कोई पता नहीं चला है।  
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